
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्म भूषण सम्मान से चयनित पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से उनके आवास पर भेंट कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड और देश के लिए गौरव का क्षण बताया। इस अवसर पर स्वजल कर्मचारी संघ ने भी कोश्यारी से मुलाकात कर उन्हें सम्मान पर शुभकामनाएं दीं।
- डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर हुई आत्मीय मुलाकात
- उत्तराखंड आंदोलन से राज्यपाल पद तक कोश्यारी का योगदान
- स्वजल कर्मचारी संघ ने भी दी बधाई
- कर्मचारी हितों के लिए कोश्यारी का सहयोग का आश्वासन
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को एक गरिमामय और आत्मीय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान के लिए चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और इसे उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।
मुख्यमंत्री धामी देहरादून के डिफेंस कॉलोनी स्थित कोश्यारी के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनसे आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान भगत सिंह कोश्यारी के दीर्घकालिक, समर्पित और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण सार्वजनिक जीवन की सच्ची पहचान है। उन्होंने कहा कि कोश्यारी ने उत्तराखंड आंदोलन के कठिन दौर से लेकर राज्य निर्माण, मुख्यमंत्री पद और महाराष्ट्र के राज्यपाल जैसे संवैधानिक दायित्वों तक, हर भूमिका में निष्ठा, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया।
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन जनसेवा, सादगी और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है। उन्होंने उत्तराखंड की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का कार्य किया और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना भी की।
इसी क्रम में स्वजल कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भी शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से उनके शासकीय आवास पर भेंट की। संघ की ओर से उन्हें पद्म भूषण सम्मान के लिए बधाई देते हुए इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान स्वजल विभाग के कर्मचारियों की 28–29 वर्षों की निरंतर सेवाओं के बावजूद लंबित समस्याओं और चुनौतियों से भी कोश्यारी को अवगत कराया।
इस पर भगत सिंह कोश्यारी ने स्वजल कर्मचारी संघ को आश्वस्त किया कि भविष्य में जब भी उनकी आवश्यकता होगी, वे नि:स्वार्थ भाव से कर्मचारियों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी ही विकास योजनाओं की असली ताकत होते हैं और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रतीक बना कि राजनीति से ऊपर सम्मान, संस्कार और सार्वजनिक जीवन में किए गए योगदान की अहमियत सर्वोपरि है। पद्म भूषण सम्मान के साथ भगत सिंह कोश्यारी न केवल एक वरिष्ठ राजनेता के रूप में, बल्कि जनसेवा और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक के रूप में भी उत्तराखंड के लिए गौरव बने हैं। कुल मिलाकर, यह भेंट प्रदेश की राजनीति में सम्मान, कृतज्ञता और सौहार्द का सशक्त संदेश देती है।





