मंतव्य : बदमाशों के कई गिरोह हैं लखीसराय में

लखीसराय पिछड़ा शहर है। सुनने में आता है कि विवाह पूर्व सेक्स यहां प्रचलित हो रहा है और इसके बारे में बालिका विद्यापीठ का एक शिक्षक जो यहां का निवासी है यहां मुझे बताया भी था लेकिन यहां के परिवेश में लड़कियों के लिए यह ठीक नहीं है। #राजीव कुमार झा
बड़हिया की तरह लखीसराय में भी भूमिहार संगठित हैं और इनसे बदमाशों के ऐसे गिरोह के लोग दूरी बनाते हैं। आशीष चौधरी ने यहां के किसी गिरोह की मदद दुर्गा झा की हत्या में शायद ली थी। बड़हिया और खुटहा की जगह अब लखीसराय अपराध का केन्द्र है। बड़हिया और इंदुपुर के लोग भी लखीसराय के बदमाशों से जरूरत के अनुरूप संपर्क करते हैं। इन गिरोहों का पुलिस ने कई बार सफाया किया है।
ये लोग पैसे लेकर लक्षित लोगों की हत्या में शामिल होते हैं। कार्तिकेयन जब लखीसराय के एसपी थे तो दुसाधों ने कजरा में भी सोनार की दुकान में लूटपाट और उसकी हत्या की थी। लखीसराय पुलिस ने अहले सुबह त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को पकड़ा था। यहां स्टेशन के आसपास अपराधी घूमते दिखाई देते हैं लेकिन बड़हिया के लोगों से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पटना जाने के दौरान ट्रेन से बड़हिया के लोग उन्हें उतारकर बेरहमी से पीटेंगे। इसलिए बड़हिया के लोगों से बदमाशी करने से वे बचते हैं।
क्या लखीसराय की दुर्गा झा और आशीष चौधरी के फोटोग्राफ्स सगाई के हैं ?मुंगेर के डीआईजी ने इन्हें विवाहित लोगों का फोटो बताया है लेकिन दुर्गा झा की मां ने विवाह से इंकार करने पर अपनी बेटी के साथ तथाकथित प्रेमी के आक्रोश को वारदात का कारण बताया है। आजकल छोटे शहरों में भी प्रेम के दौरान सगाई करके लड़के लड़कियों के साथ रहने की बातों का प्रचलन हो रहा है।
यह महानगरों के लिव इन रिलेशनशिप का ही एक रूप है और इसमें विवाह से पहले लड़के लड़कियां कुछ दिनों के बाद असंतोष पनपने पर एक दूसरे से अलग भी होते दिखाई देते हैं । लखीसराय की दुर्गा चौधरी का मामला एक ऐसा ही मुद्दा हो गया है। पारंपरिक समाजों में यूरोपीय जीवन के प्रचलित होने वाले ऐसे संदर्भ समस्याएं खड़ी कर रहे हैं। प्रेम में भी प्रेमी लड़कियों पर पति की तरह से पूर्ण अधिकार का भाव जताता है और दुर्गा झा के प्रति आशीष चौधरी के मन में ऐसा ही भाव उभरा।
लखीसराय पिछड़ा शहर है। सुनने में आता है कि विवाह पूर्व सेक्स यहां प्रचलित हो रहा है और इसके बारे में बालिका विद्यापीठ का एक शिक्षक जो यहां का निवासी है यहां मुझे बताया भी था लेकिन यहां के परिवेश में लड़कियों के लिए यह ठीक नहीं है। इंदुपुर और बड़हिया का माहौल और भी अलग तरह का है। इंदुपुर में लड़कियों को उनके ज्यादातर प्रेमी भगा ले जाते हैं और अपने आसपास की अन्य जगहों पर या दिल्ली जाकर विवाह रचाते हैं।
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