
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य निरुपम चकमा ने रुद्रपुर में समीक्षा बैठक कर जनजाति परिवारों को शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए। बैठक में भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त और बैंक ऋण वितरण में आ रही बाधाओं पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों को योजनाओं की धरातलीय रिपोर्ट आयोग को भेजने और समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।
- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने की विकास कार्यों की गहन समीक्षा
- जनजातीय भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
- बैंक ऋण में आना-कानी पर आयोग ने जताई नाराजगी
- जनजाति क्षेत्रों में समन्वय से काम करें अधिकारी: निरुपम चकमा
रुद्रपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य निरुपम चकमा ने गुरुवार को जिला सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर अनुसूचित जनजाति समुदाय के हित में संचालित विकास कार्यों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्री चकमा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी अनुसूचित जनजाति परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में ठोस सुधार हो सके और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
समीक्षा के दौरान पीएम जनमन योजना, पीएम स्वनिधि, धरती आभा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शादी अनुदान, आंगनबाड़ी सेवाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, जल जीवन मिशन (JJM), जनऔषधि केंद्र, पीएम आवास योजना, अटल आवास योजना, शिक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति और वन अधिकार अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री चकमा ने जनजातीय भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करे और अवैध लेन-देन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रदान करने में बैंकों द्वारा आना-कानी किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर जिलाधिकारी को विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित कर बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। श्री चकमा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं को ‘सम्पूर्णता मोड’ में लागू करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी विकास कार्यों की धरातलीय रिपोर्ट आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप में समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बैठक में जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि आयोग के निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उप सचिव कुशल देव वर्मा, वरिष्ठ अन्वेषक आकाश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक, अग्रणी बैंक अधिकारी शिखा नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






