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कोरोना से भी कई गुना ज्यादा खतरनाक है निपाह वायरस, निपाह वायरस संक्रमित चमगादड़ और सूअर से फैलता है। इनके संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों में फैल जाता है। निपाह वायरस कोरोना से भी अधिक खतरनाक है। इससे मृत्यु दर कोविड से ज्यादा है।
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केरल। केरल में निपाह वायरस के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ता जा रहा है, यहां पांचवें संक्रमित की पुष्टि हुई है। केरल में निपाह संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। 2 संक्रमितों की मौत के बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार अलर्ट पर है। राज्य में 9 पंचायतों के 58 वार्डों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
इस वायरस की वजह से मौतें भी हो रही हैं। निपाह वायरस कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है। ये शरीर में जानें के बाद सीधा ब्रेन पर असर करता है। जिससे मरीज की मौत हो जाती है। कोरोना वायरस की तुलना में हालांकि निपाह वायरस कम तेजी से फैल रहा है लेकिन इसकी मृत्यु दर चौंकाने वाली है। इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इससे बचाव हो सकता है।
केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस से दो लोगों की मौत के बाद 3 और जिले कन्नूर, वायनाड और मलप्पुरम में अलर्ट जारी किया गया है। यहां की 7 ग्राम पंचायतों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कंटेनमेंट जोन वाले इलाकों और अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, केरल को छोड़ कर नॉर्थ इंडिया सहित पूरे देश में एक भी केस निपाह वायरस के नहीं मिले हैं।
चिंता की बात यह है कि जो व्यक्ति संक्रमित मिला है वह करीब 700 लोगों के संपर्क में आ चुका है। ऐसे में पूरे राज्य में निपाह के मामले तेजी से बढ़ने की आशंका है। ये तेजी से एक से दूसरे इंसान में फैलता है। निपाह वायरस सीधे दिमाग पर असर करता है।इससे ब्रेन में सूजन आ जाती है, जो बाद में मौत का कारण बनती है।
निपाह से केरल में बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। केरल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक निपाह के इस वैरिएंट के कारण संक्रामकता दर तो कम है पर इसकी मृत्युदर काफी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। कोझिकोड के जिला अधिकारी ने 7 पंचायतों में सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आंगनबाड़ी केंद्र, बैंक और सरकारी संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। सुबह 7 से शाम 5 बजे तक सिर्फ दवाइयां और जरूरी चीजों की दुकानें ही खोलने की इजाजत है।
डॉक्टरों के मुताबिक, निपाह के मामले भारत में पहले भी आते रहे हैं, लेकिन इस बार स्ट्रेन काफी खतरनाक है। निपाह वायरस की संक्रमण दर भले ही कम है, लेकिन इससे संक्रमित व्यक्ति की जान बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। निपाह से संक्रमण की स्थिति वालों में मृत्युदर 40 से 75 फीसदी के बीच हो सकती है, जोकि गंभीर चिंता का कारण है।
निपाह वायरस संक्रमित चमगादड़ और सूअर से फैलता है। इनके संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों में फैल जाता है। निपाह वायरस कोरोना से भी अधिक खतरनाक है। इससे मृत्यु दर कोविड से ज्यादा है। ये हैं निपाह वायरस के लक्षण- बुखार, सिरदर्द, उल्टी, गले में खराश, चक्कर आना। इन बातों का रखें ध्यान- हाथ धोकर भोजन करें, खराब फलों को खाने से बचें, अगर किसी व्यक्ति को बुखार है तो उसके संपर्क में आने से बचें, पानी को उबालकर पिएं।
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