
उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की दरें आज घोषित की जाएंगी, जो 1 अप्रैल से लागू होंगी। ऊर्जा निगमों ने 18.50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, जिस पर जनसुनवाई के बाद आयोग ने निर्णय लिया है। नई दरों का असर प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
- बिजली महंगी होने के संकेत, आयोग आज करेगा घोषणा
- 18.5% बढ़ोतरी प्रस्ताव पर फैसला आज
- नए वित्तीय वर्ष से बदलेंगे बिजली बिल के नियम
- उत्तराखंड में बिजली दरों पर बड़ा फैसला आज
देहरादून: उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों का आज ऐलान किया जाएगा, जो 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। यह घोषणा उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा की जाएगी, जिसका सीधा असर घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इस वर्ष राज्य के तीन प्रमुख ऊर्जा निगम—यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल—ने मिलकर बिजली दरों में 18.50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखा था।
इस प्रस्ताव को लेकर आयोग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें उपभोक्ताओं, उद्योगपतियों और अन्य हितधारकों की राय ली गई। जनसुनवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं ने बढ़ती महंगाई के बीच बिजली दरों में वृद्धि का विरोध किया, वहीं ऊर्जा कंपनियों ने बढ़ती लागत, रखरखाव खर्च और उत्पादन लागत को देखते हुए दरें बढ़ाने की आवश्यकता जताई। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आयोग ने अंतिम निर्णय तैयार किया है, जिसे आज सार्वजनिक किया जाएगा।
चुनावी वर्ष होने के कारण आयोग के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी रही है, ताकि उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ न पड़े और ऊर्जा कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी प्रभावित न हो। आयोग के अधिकारियों के अनुसार नई दरें सभी श्रेणियों—घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि—पर लागू होंगी।
नई दरों के लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के मासिक बिल में बदलाव देखने को मिलेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग उपभोक्ताओं को राहत देता है या बिजली दरों में बढ़ोतरी का झटका देता है।





