
देहरादून स्थित नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस के सीनियर अधिकारी को सीबीआई ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर एएसआई रिटर्न तैयार करने और जमा कराने के बदले घूस मांगने का आरोप है। शिकायत के बाद सीबीआई ने गोपनीय जांच कर ट्रैप कार्रवाई में उसे पकड़ लिया।
- एएसआई रिटर्न के नाम पर मांगी घूस, सीबीआई ने बिछाया जाल
- पांच हजार की रिश्वत में फंसे सांख्यिकी विभाग के सीनियर अफसर
- टैक्स रिटर्न जमा कराने के बदले मांगे पैसे, अधिकारी गिरफ्तार
- व्हाट्सएप से भेजा यूपीआई नंबर, सीबीआई ट्रैप में पकड़ा गया अधिकारी
देहरादून। राजधानी देहरादून में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सांख्यिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी की पहचान संजय कुमार के रूप में हुई है, जो देहरादून स्थित नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस में सीनियर पद पर तैनात था।
शिकायत से शुरू हुई जांच
मामला तब सामने आया जब एक टैक्स एडवोकेट ने सीबीआई को लिखित शिकायत भेजी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने एक क्लाइंट की कंपनी ‘बीएस इंडस्ट्रीज’ के कर संबंधी कार्य देखते हैं। कंपनी को ‘एनुअल सर्वे ऑफ इंडस्ट्रीज (एएसआई)’ की वार्षिक रिटर्न दाखिल करनी थी, जो सांख्यिकी विभाग के माध्यम से की जाती है।
आरोप है कि संबंधित रिटर्न तैयार करने और जमा कराने के बदले अधिकारी ने पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारी ने व्हाट्सएप के जरिए एक मोबाइल नंबर भेजकर उस पर यूपीआई माध्यम से राशि ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।
सीबीआई की गोपनीय कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
सीबीआई टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विभाग में हड़कंप, परिवारों में चर्चा
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी काफी समय से इस पद पर कार्यरत था। मामले के उजागर होने के बाद अन्य कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





