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उत्तराखंड में 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलेभर के प्री-लिटीगेशन और न्यायालयों में लंबित शमनीय मामलों का निस्तारण किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि अपने विवादों को समय पर प्रस्तुत कर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दी विस्तृत जानकारी
- काशीपुर, खटीमा, बाजपुर, जसपुर, सितारगंज और किच्छा की अदालतों में भी आयोजन
- भरण-पोषण, धन वसूली, विद्युत-बिल, श्रम विवाद सहित कई मामलों का निपटारा
- आवेदन करने के लिए कोर्ट या एडीआर केंद्र में संपर्क करने की अपील
रूद्रपुर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुरूप आगामी 13 दिसंबर को पूरे ऊधम सिंह नगर जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह लोक अदालत प्रदेश स्तरीय अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के लम्बित और प्री-लिटीगेशन मामलों का त्वरित, सरल और सुलभ समाधान करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रूद्रपुर स्थित जिला न्यायालय और जनपद के बाहरी दीवानी न्यायालयों—काशीपुर, खटीमा, बाजपुर, जसपुर, सितारगंज तथा किच्छा—में एक साथ आयोजित की जाएगी। सभी अदालतों में विशेष पीठें गठित होंगी, जहां विभिन्न श्रेणियों के मामलों का निस्तारण आपसी समझौते और सहमति के आधार पर किया जाएगा।
सचिव के अनुसार, इस लोक अदालत में प्री-लिटीगेशन श्रेणी के अनेक प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा, जिनमें भरण-पोषण, धन वसूली, श्रम विवाद, विद्युत एवं जलकर बिलों से संबंधित विवाद, धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के प्रकरण, सिविल मामले और आपराधिक शमनीय प्रकार के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, न्यायालयों में लम्बित शमनीय प्रकृति के आपराधिक मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम विवाद, विद्युत और जलकर मामलों के लंबित प्रकरण, वैवाहिक विवाद मामलों में तलाक को छोड़कर अन्य मामले, भूमि अधिग्रहण, सर्विस से जुड़े भुगतान और भत्तों से संबंधित वाद, जिला न्यायालय में लंबित राजस्व प्रकरण, मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत शमनीय अपराधों के चालान, किरायेदारी, सुखाधिकार, व्यादेश जैसे सिविल प्रकरणों का भी निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य मुकदमों की संख्या कम करना और नागरिकों को तेज, सस्ता एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। इस प्रकार की अदालतों में निर्णय आपसी सहमति और समझौते के आधार पर होते हैं, जिससे मुकदमों की लंबी प्रक्रिया से राहत मिलती है और दोनों पक्षों का समय और धन बचता है। सचिव ने आम जनता से अपील की कि जो लोग अपने मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में किसी भी कार्य दिवस में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर अपने वाद को निर्धारित करवा सकते हैं। इसके अलावा, जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर केंद्र, रूद्रपुर में भी आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
अतिरिक्त जानकारी के लिए नागरिक नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रूद्रपुर के हेल्पडेस्क नंबर 9411531449, ईमेल dlsausnagar@gmail.com तथा फोन नंबर 05944-250682 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से आग्रह किया है कि इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लम्बित विवादों का समाधान सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से कराएं।





