
पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण शुरू हो गया है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य चार माह में पूरा किया जाएगा। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से पहले पुल को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
- चार माह बाद नंदा की चौकी पुल का निर्माण कार्य शुरू
- 16 करोड़ रुपये की लागत, चार माह में पूरा होगा काम
- ओपन फाउंडेशन की जगह वेल फाउंडेशन का होगा निर्माण
- ग्रीष्मकालीन सीजन से पहले यातायात बहाल करने का लक्ष्य
देहरादून। चार माह के लंबे इंतजार के बाद पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंदा की चौकी क्षेत्र में टौंस नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्रीय यातायात और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का चयन किया गया है।
करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से यह पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसे चार माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पुल को वाहनों के लिए खोल दिया जाए। पुल के पुनर्निर्माण के लिए लोनिवि को टेंडर प्रक्रिया के दौरान कई अड़चनों का सामना करना पड़ा। टेंडर की समय-सीमा बढ़ानी पड़ी और एक बार इसे निरस्त भी करना पड़ा। हालांकि, बाद में महज तीन दिनों के भीतर नई टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कंपनी का चयन और अनुबंध किया गया, जिसके बाद अब कार्य धरातल पर शुरू हो चुका है।
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यह पुल वर्ष 1992 में निर्मित हुआ था। लोनिवि की जांच में सामने आया कि पुल के किनारों पर बनी एबटमेंट वाल ओपन फाउंडेशन पर आधारित थी, जबकि बीच के पिलर वेल फाउंडेशन वाले थे। तेज बहाव के कारण किनारे की वाल क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि बीच के पिलर सुरक्षित रहे।
अब मरम्मत और पुनर्निर्माण के दौरान ओपन फाउंडेशन की जगह 20 मीटर से अधिक गहराई वाले वेल फाउंडेशन का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही परियोजना में अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
अतिवृष्टि में हुआ था पुल क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि 15 सितंबर की मध्य रात्रि को हुई अतिवृष्टि के दौरान नंदा की चौकी पुल का एक हिस्सा ढह गया था। इसके चलते पांवटा साहिब राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। बाद में नदी के एक हिस्से में ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पुलिया बनाई गई, जिससे फिलहाल यातायात संचालित किया जा रहा है।





