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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 के दौरान नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया। यह दस्तावेज राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति के लिए ऋण एवं विकास योजनाओं की स्पष्ट दिशा तय करता है।
- सहकारिता मेला 2025 के दौरान देहरादून में हुआ दस्तावेज का लोकार्पण
- वर्ष 2026-27 के लिए ₹65,916 करोड़ की ऋण क्षमता का आकलन
- कृषि, एमएसएमई और जलवायु पहल पर केंद्रित विकास रोडमैप
- बैंकों और नीति-निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक बनेगा राज्य फोकस पेपर
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारी और ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया। यह विमोचन नाबार्ड और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 के दौरान किया गया, जहां सहकारी संस्थाओं, बैंकिंग क्षेत्र और नीति-निर्माताओं की व्यापक उपस्थिति रही।
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इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, राजपुर विधायक श्री खजान दास, देहरादून नगर निगम के महापौर श्री सौरभ थपलियाल, सहकारी समितियों के निबंधक श्री मेहरबान सिंह बिष्ट और नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री पंकज यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
राज्य फोकस पेपर 2026-27 राज्य के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता का विस्तृत और यथार्थपरक आकलन प्रस्तुत करता है। दस्तावेज के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की अनुमानित ऋण क्षमता ₹65,916 करोड़ आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20.50 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि राज्य की आर्थिक गतिविधियों, ग्रामीण उद्यमिता और सहकारी क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं को दर्शाती है।
जिला स्तर पर तैयार पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान (पीएलपी) के आधार पर तैयार यह दस्तावेज संतुलित कृषि और ग्रामीण विकास के लिए एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसमें कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बुनियादी ढांचा विकास और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी पहलों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। नाबार्ड ने राज्य सरकार के साथ मिलकर समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण योजनाओं और विकासात्मक हस्तक्षेपों में निरंतर सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
यह राज्य फोकस पेपर बैंकों और नीति-निर्माताओं के लिए वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) को अंतिम रूप देने में एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा। साथ ही यह सतत विकास की रणनीतियाँ तैयार करने और विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ वित्तीय संसाधनों के बेहतर समन्वय में भी सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर नाबार्ड के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह दस्तावेज राज्य के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे राज्य फोकस पेपर को विभिन्न विभागीय योजनाओं में समेकित करें, ताकि सहकारिता, कृषि और ग्रामीण विकास के माध्यम से उत्तराखंड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।





