
तांत्रिक शफी के कहने पर रोसेलिन के शव के कुछ टुकड़ों को पकाया गया. इन्हें आरोपियों ने खाया भी. पुलिस पूछताछ में भी लैला ने शव के टुकड़ों को पकाकर खाने की पुष्टि की है.
केरल। लॉटरी का टिकट बेचने वाली दो महिलाओं का पहले अपहरण, फिर कत्ल और उसके बाद शवों के साथ दरिंदगी…वो भी सिर्फ इसलिए ताकि पापों से मुक्ति मिले और घर में पैसा ही पैसा आए. ये कहानी वैसे तो किसी क्राइम थ्रिलर की लगती है लेकिन ये वाकया फिल्मी नहीं बल्कि हकीकत है. ये हुआ केरल के पथानामथिट्टा में. पुलिस जांच के बाद इसके तीन गुनहगार गिरफ्त में हैं. उनसे हुई पूछताछ में जो सच सामने आया है वो रोंगटे खड़े करने वाला है.
यही वजह है कि अपराध की इस घटना ने न सिर्फ केरल बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. केरल में अलग-अलग जगहों से दो महिलाएं लापता हुईं. एक का नाम था रोसेलिन तो दूसरी का पद्मा. रोसेलिन जून से लापता हुई थी जबकि पद्मा सितंबर के महीने में. दोनों के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई. गुमशुदगी के ये केस अलग-अलग थे. उनके दर्ज होने की तारीख में भी काफी अंतर था. लेकिन पुलिस ने जब जांच की तो शक की सुई एक ही दंपति पर गई. सख्ती से पूछताछ हुई तो पता चला कि ये सिर्फ अपहरण का नहीं बल्कि नरबलि, तंत्र-मंत्र, हत्या और दरिंदगी का भी है.
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अब न सिर्फ वो दंपति पुलिस की गिरफ्त में है बल्कि जिस तांत्रिक की सलाह पर ये खूनी खेल रचा गया वो भी सलाखों के पीछे पहुंच गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे. इसी दौरान फेसबुक पर उनकी बात श्रीदेवी नाम की महिला से हुई. श्रीदेवी दरअसल एक तांत्रिक मोहम्मद शफी था जो श्रीदेवी नाम से प्रोफाइल बनाकर भगवल सिंह से संपर्क में आया था.
भगवल सिंह ने उसके सामने अपनी आर्थिक हालत का रोना रोया तो उसे ऐसी सलाह मिली जिसने इस जघन्य हत्याकांड की नींव रख दी. शफी ने भगवल से कहा कि अगर वह चाहता है कि तो उसके घर में धन और संपत्ति आए, तो वह जाकर रशीद से मिले. रशीद जो उपाय बताए, उसपर अमल करे फिर देखना कैसा चमत्कार होता है. खास बात ये है कि ये रशीद और कोई नहीं बल्कि खुद मोहम्मद शफी था.
यहां भगवल सिंह के घर पर पहुंचने के बाद उसने पैसे मांगे. इसे लेकर उसकी शफी के साथ बहस भी हुई. इसके बाद आरोपियों ने उसके गले में रस्सी बांध दी. वह बेहोश हो गई. इसके बाद दोबारा शुरू हुआ दरिंदगी का खेल. आरोपी उसे दूसरे कमरे में ले गए. जहां शफी ने उसके प्राइवेट पार्ट में चाकू डाला.
इसके बाद उसका गला रेता. बाद में उसके 56 टुकड़े किए. फिर शव के टुकड़ों को पकाया गया और खाया गया. खून को अब और अच्छे से कमरों की दीवारों और फर्श पर छिड़का गया, ताकि जो पाप अबकी बार रह गए थे, वे भी धुल जाएं. आरोपियों ने इस दौरान काला जादू से जुड़ीं कई किताबें भी पढ़ीं.







