
कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक के जिम में सदस्यों की संख्या 150 से घटकर 10-15 रह गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और 31 जनवरी के हंगामे के बाद मामला राजनीतिक रंग ले चुका है, जबकि 12 फरवरी को विरोध की नई धमकी भी सामने आई है। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
- दुकान नाम विवाद के बाद कोटद्वार में गरमाई राजनीति
- वायरल वीडियो के बाद जिम ट्रेनर दीपक को मिली नई धमकी
- 31 जनवरी हंगामे का असर, जिम कारोबार पर पड़ा भारी
- सोशल मीडिया में छाए दीपक, जमीनी स्तर पर जिम में सन्नाटा
कोटद्वार। कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ हैं, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। घटना की शुरुआत 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक दुकान के नाम परिवर्तन को लेकर हुए विवाद से हुई। विवाद के दौरान दीपक दुकान स्वामी वकील अहमद के समर्थन में खड़े दिखाई दिए और उन्होंने स्वयं को “मोहम्मद दीपक” बताया।
इस बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी। 31 जनवरी को स्वयं को विहिप और बजरंग दल से जुड़ा बताने वाले कुछ युवकों ने नगर में जुलूस-प्रदर्शन और चक्का जाम किया। इस घटनाक्रम के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया। इस विवाद का सबसे अधिक असर दीपक के निजी व्यवसाय पर पड़ा है।
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बदरीनाथ मार्ग स्थित उनके जिम में पहले जहां लगभग 150 सदस्य नियमित रूप से आते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 10 से 15 रह गई है। दीपक का कहना है कि घटना के बाद लोगों ने फिलहाल दूरी बना ली है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर भले ही उन्हें समर्थन मिल रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके व्यवसाय को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर, 12 फरवरी को इंटरनेट मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया, जिसमें स्वयं को हिंदू संगठन का नेता बताने वाले व्यक्ति ने दीपक को चेतावनी दी।
वीडियो में 12 फरवरी को कोटद्वार पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही गई। इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था किसी भी हाल में नहीं बिगड़ने दी जाएगी। पुलिस ने संभावित प्रदर्शन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कुछ अन्य नेताओं ने दीपक का समर्थन करते हुए उन्हें “देश का हीरो” बताया।
वहीं, विरोधी पक्ष इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देख रहा है। फिलहाल, कोटद्वार में स्थिति प्रशासनिक निगरानी में है, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया, राजनीति और स्थानीय व्यापार पर प्रभाव के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। दीपक को उम्मीद है कि समय के साथ हालात सामान्य होंगे और उनके जिम की पुरानी रौनक वापस लौटेगी।







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