
हल्द्वानी। खटीमा में खनन कारोबारी के परिवार पर हमला कर अपहरण और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि रविवार को हुए इस हमले में धीरज, प्रियांशु और कमल नामक तीन लोगों का अपहरण कर लिया गया। हमलावरों ने कारोबारी का वाहन क्षतिग्रस्त कर उसमें रखा कीमती सामान भी लूट लिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के बाद जब घायल हरिश्चंद्र को अस्पताल ले जाया गया, तो वहां भी 10 से 15 युवक धमकाने पहुंच गए और पुलिस की मौजूदगी में ही दबाव बनाने लगे।
घटना के अनुसार, खटीमा में रोडरेज के दौरान यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने खनन कारोबारी के परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़िता ममता बृजवासी ने बताया कि हमलावर उनके पति की चेन, पर्स और मोबाइल फोन तक लूट ले गए। हरिश्चंद्र को गंभीर अवस्था में खटीमा के स्वास्तिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी आरोपियों ने पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने फिर से धमकी दी। इसके बाद रविवार तड़के घायल हरिश्चंद्र को एंबुलेंस से हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में भर्ती कराया गया।
इसी बीच हल्द्वानी में मौजूद हरिश्चंद्र का बेटा युवराज बृजवासी दूसरी गाड़ी लेकर खटीमा पहुंचा। वहां घायल धीरज, प्रियांशु और कमल को ढूंढकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि तीनों को बुरी तरह पीटा गया था और उनके चेहरों पर गहरी चोटें आई हैं। खटीमा कोतवाल बिजेंद्र शाह ने बताया कि वह फिलहाल मौके पर नहीं हैं, लेकिन मामले की जानकारी उन्हें है और जांच की जा रही है।
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वहीं, पीड़ित युवराज बृजवासी का कहना है कि यह हमला एक सुनियोजित साजिश लगती है। उन्होंने बताया कि सड़क पर हुई इस घटना में उनके पिता हरिश्चंद्र को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनके सिर में 12 टांके आए और चार पसलियां टूट गईं। दोस्तों को अगवा कर उनकी भी पिटाई की गई। युवराज का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों की ही मदद की और अब उल्टा उन्हें फोन कर धमका रही है। जब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की बात कही, तो सोमवार को बुलाने की बात कही गई। युवराज ने कहा कि अब उन्हें खटीमा पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है।
पीड़ितों के अनुसार, वाहन में रखे चार ट्रकों की आरसी, स्कूटी और बाइक की आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज भी लापता हैं। परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।





