
देहरादून और ऋषिकेश में एमडीडीए ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बहुमंजिला भवन और अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
- बिना नक्शा स्वीकृति निर्माण पर नहीं मिलेगी कोई राहत: एमडीडीए
- ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला भवन गिराया, दो निर्माण सील
- देहरादून के हरभजवाला में 25 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
- शहरी व्यवस्था और पर्यावरण के लिए खतरा हैं अवैध कॉलोनियां
देहरादून। शहरों में बेतरतीब विस्तार और अवैध कॉलोनियों पर लगाम कसने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून और ऋषिकेश में एक साथ कड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीमों ने बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों को सील किया, जबकि अवैध प्लाटिंग और बहुमंजिला भवनों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।
ऋषिकेश क्षेत्र में एमडीडीए की टीम ने निर्मल बाग बी-ब्लाक मार्ग, लेन नंबर-10 के पास हो रहे अवैध निर्माण को सील कर दिया। यह निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया जा रहा था। इसके अलावा ओल्ड पोस्ट ऑफिस, बनखंडी क्षेत्र में तुलसी देवी द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया।
एमडीडीए ने ऋषिकेश में सुनील सोनी द्वारा बनाए जा रहे एक अवैध बहुमंजिला भवन पर सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह भवन बिना नक्शा स्वीकृति खड़ा किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के अभियंता, प्रवर्तन दल और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे, जिससे किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।
देहरादून के हरभजवाला क्षेत्र स्थित आसन विहार में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को भी एमडीडीए ने ध्वस्त कर दिया। यह प्लाटिंग बिना किसी वैधानिक अनुमति के विकसित की जा रही थी, जिससे भविष्य में सड़क, सीवर, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता था। प्राधिकरण ने इसे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।









