
रुद्रप्रयाग के मक्कूमठ में स्थापित ग्रोथ सेंटर से ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को नई दिशा मिली है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित इस केंद्र से महिलाएं स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण कर आय अर्जित कर रही हैं। यह पहल पहाड़ी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभरी है।
- ग्रोथ सेंटर में स्थानीय फलों और उत्पादों का हो रहा प्रसंस्करण
- राष्ट्रीय आजीविका मिशन से मिली आर्थिक मजबूती
- 15 लाख की लागत से स्थापित हुई आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट
- पहाड़ में महिला स्वरोजगार का सफल मॉडल बना मक्कूमठ
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद रुद्रप्रयाग के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र मक्कूमठ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक प्रेरक कहानी सामने आई है, जहां आधुनिक ग्रोथ सेंटर की स्थापना से स्थानीय महिलाओं की आजीविका में सकारात्मक बदलाव आया है। यह ग्रोथ सेंटर राष्ट्रीय आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत आस्था ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर विकसित किया गया है।
केंद्र में महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फलों और वन उपज का प्रसंस्करण कर रही हैं। यहां माल्टा, संतरा और बुरांश से जूस तैयार किया जा रहा है, वहीं आम, मिर्च, लिंगुड़ा और आंवले के अचार का उत्पादन भी किया जा रहा है। महिलाओं के कार्य को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत लगभग 15 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित की गई है। इस यूनिट के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाया गया है।
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वर्तमान में ग्रोथ सेंटर में 10 महिलाएं नियमित रूप से कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत प्राप्त हुआ है। ऊखीमठ की खंड विकास अधिकारी अनुष्का ने बताया कि इस ग्रोथ सेंटर से जुड़ी महिलाओं ने अब तक करीब 5 लाख रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर पूरी टीम स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी इसी तरह के और ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और स्वावलंबन में भी वृद्धि कर रही है। मक्कूमठ का यह ग्रोथ सेंटर पहाड़ी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वरोजगार का एक सफल और अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है।






