
डोईवाला (झबरावाला)। साईं सृजन पटल के संस्थापक और सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. के. एल. तलवाड़ ने गुरुवार को ग्राम झबरावाला में अम्रदा डेयरी उद्योग की संचालिका उर्वशी उनियाल को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें महिला उद्यमिता के क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया, जिन्होंने क्षेत्रीय किसानों की आर्थिकी को मजबूती दी है।
उर्वशी उनियाल, जो पहले देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षिका थीं, ने कोविड महामारी के दौरान अपनी नौकरी छोड़कर दुग्ध उत्पादन व्यवसाय की ओर रुख किया। आज उनका डेयरी मॉडल न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है, बल्कि इसने क्षेत्र के 100 से अधिक किसानों को जोड़कर उनके जीवन स्तर में सुधार किया है।
वर्तमान में उनकी डेयरी से प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 लीटर दूध एकत्र होता है, जिसे दही, मक्खन और घी जैसे उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। उन्होंने इस व्यवसाय के लिए दो प्रोसेसिंग प्लांट भी लीज पर लिए हैं, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित होती है। एनडीआरआई करनाल से डेयरी उद्योग में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली उर्वशी मानती हैं कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद किसी भी उद्योग की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
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सम्मान समारोह में लेखिका नीलम तलवाड़ ने भी उर्वशी को शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर कुलदीप उनियाल, अरुण मिश्रा सहित कई सम्मानित लोग उपस्थित रहे। उर्वशी उनियाल का यह प्रोजेक्ट न केवल महिलाओं के आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और ग्रामीण विकास की नई सोच को भी प्रोत्साहित करता है।





