
हरिद्वार में महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से क्लाउड किचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों को घर जैसा भोजन उपलब्ध होगा।
- उत्तराखंड की 25वीं वर्षगांठ पर 25 महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
- प्रदेश का पहला जनपद बना हरिद्वार
- ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम
- महिलाओं को मिलेगा ऋण व फूड लाइसेंस की सुविधा
हरिद्वार | जनपद में महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई और अभिनव पहल की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा के निर्देशन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से क्लाउड किचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने महिला समूहों को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार जनपद में अनेक औद्योगिक क्षेत्र एवं कंपनियां संचालित हैं, जहां कार्यरत कामगारों को नियमित रूप से भोजन की आवश्यकता रहती है। अधिकांश कामगारों को उनकी पसंद एवं घर जैसा भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता। इसी समस्या के समाधान और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से क्लाउड किचन की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि महिलाएं कम लागत में, अपने घर से ही क्लाउड किचन के माध्यम से व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और घर जैसा भोजन भी उपलब्ध हो सकेगा। उत्तराखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनपद की 25 महिला समूहों की महिलाओं को यह विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि क्लाउड किचन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण देने वाला हरिद्वार प्रदेश का पहला जनपद बन गया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता, स्वच्छता, व्यवसाय प्रबंधन एवं विपणन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही महिलाओं के फूड लाइसेंस भी तैयार कराए जाएंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए ऋण सुविधा भी सरलता से उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल ने बताया कि यह पहल मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत मास्टर ट्रेनर रचित द्वारा महिलाओं को क्लाउड किचन संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत करना और अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
एलडीएम दिनेश गुप्ता ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्लाउड किचन व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक ऋण शीघ्र स्वीकृत किया जाएगा, ताकि महिलाएं बिना किसी बाधा के अपना कार्य प्रारंभ कर सकें। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक शिव कुमार सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना, आचार्य दीप्ति भट्ट, मास्टर ट्रेनर रचित सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।





