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महाराष्ट्र का हिल स्टेशन लवासा यूरोपियन डिजाइन, पेस्टल रंगों और वॉटरफ्रंट के कारण ‘इटली ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर है। यहाँ का माहौल और वास्तुकला सचमुच यूरोपियन रिजॉर्ट टाउन का अनुभव कराते हैं।
- महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल स्टेशन लवासा: यूरोपियन टच और Portofino जैसा लुक
- लवासा: भारत का इटली, डिजाइन और रंगत में है जन्नत जैसी खूबसूरती
- झील, पहाड़ और कैफे: लवासा को कहते हैं भारत का यूरोपियन रिजॉर्ट टाउन
- लवासा यात्रा गाइड: कैसे पहुंचे, क्या देखें और क्यों इसे कहा जाता है ‘इटली ऑफ इंडिया’
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य में पर्यटन के लिहाज से कई खूबसूरत जगहें हैं, जिनमें लोनावला, पुणे, खंडाला और मुंबई का नाम आमतौर पर लिया जाता है। लेकिन इसके अलावा एक और खूबसूरत हिल स्टेशन है—लवासा। इसे भारत का ‘इटली ऑफ इंडिया’ कहा जाता है। इसकी खासियत सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं बल्कि यहाँ का डिजाइन, रंग और बनावट है, जो इसे यूरोपियन टच देता है। लवासा पुणे से करीब 60 किलोमीटर दूर वेस्टर्न घाट में स्थित है और पूरी तरह सोच-समझकर प्लान किया गया हिल सिटी प्रोजेक्ट है।
लवासा का डेवलपमेंट 2000 के शुरूआती सालों में किया गया था। इस शहर को इटली के Portofino की तरह डिज़ाइन किया गया। इसका मतलब है कि यहाँ की इमारतें, गलियां और झील के किनारे कैफे यूरोपियन स्टाइल में तैयार किए गए हैं। हल्के पेस्टल रंग, साफ-सुथरी गलियां, झील और पहाड़ के किनारे खूबसूरत कैफे, छोटे बुटीक होटल और आर्किटेक्चरल डिज़ाइन इसे यूरोपियन रिजॉर्ट टाउन जैसा माहौल देते हैं। लवासा का सबसे अधिक Portofino जैसा हिस्सा Dasve Lake का वॉटरफ्रंट है।
यहाँ की इमारतें मस्टर्ड, टेराकोटा, पीच, ब्रिक रेड और ऑलिव ग्रीन रंगों में रंगी गई हैं। इमारतों की ऊँचाई, डिजाइन और स्ट्रक्चर एक गाइडलाइन के हिसाब से बनाई गई हैं ताकि पूरा लुक सचमुच इटली जैसा लगे। छोटे-छोटे बालकनियां, टाइल्स वाली छत, आर्च वाले दरवाजे और पेस्टल प्लास्टर इसके यूरोपियन लुक को और मजबूती देते हैं। लवासा में पैदल घूमने के लिए चौड़ी गलियां बनाई गई हैं, जिससे पर्यटक झील के किनारे आराम से टहल सकते हैं। शहर का शांत वातावरण, झील के किनारे कैफे और वॉटरफ्रंट की सुंदरता इसे यूरोपियन रिजॉर्ट टाउन जैसा अनुभव कराते हैं।
लवासा क्यों कहा जाता है ‘इटली ऑफ इंडिया’
- यूरोपियन स्टाइल वॉटरफ्रंट और गलियां
- Portofino जैसा रंग और डिजाइन
- झील, पहाड़ और कैफे वाला पूरा माहौल
लवासा कैसे पहुंचे – दिल्ली से लवासा की दूरी करीब 1,200 किलोमीटर है। यहाँ पहुंचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है फ्लाइट से पुणे पहुँचना और फिर कैब लेकर लवासा जाना, जिसमें करीब 6 घंटे लगते हैं। अगर आप बजट ट्रैवल पसंद करते हैं, तो ट्रेन से मुंबई पहुँचकर वहाँ से कैब ले सकते हैं, लेकिन इसमें करीब 23 घंटे का समय लग सकता है। लवासा का यह यूरोपियन टच और डिजाइन इसे महाराष्ट्र का सबसे खास हिल स्टेशन बनाते हैं। यहाँ की रंगीन गलियां, झील और शांत वातावरण पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराते हैं, जो सचमुच इटली जैसा एहसास दिलाते हैं।








