
कोटद्वार रेंज के लैंसडौन वन प्रभाग में हाथी के हमले में 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गए थे, तभी अचानक हाथी ने हमला कर दिया। सूचना पर वन विभाग और पुलिस ने जंगल से शव बरामद किया।
- सुखरो बीट में चारा लेने गए बुजुर्ग पर हाथी ने किया हमला
- जंगल में साथी को छोड़ भागे मित्र ने दी सूचना
- वन विभाग और पुलिस ने जंगल से बरामद किया शव
- हाथी के हमले से क्षेत्र में दहशत, ग्रामीणों में भय
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज में जंगली हाथी के हमले से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। वन क्षेत्र में मानव–वन्यजीव संघर्ष की यह घटना एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर निवासी 70 वर्षीय बृजमोहन सिंह अपने मित्र हेमेंद्र सिंह कंडारी के साथ मवेशियों के लिए चारा लेने कोटद्वार रेंज के अंतर्गत सुखरो बीट की कक्ष संख्या दो में गए थे।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब बारह बजे जंगल के भीतर अचानक एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी को देखकर दोनों घबरा गए, लेकिन बृजमोहन सिंह हाथी के हमले की चपेट में आ गए। घटना के दौरान हेमेंद्र सिंह किसी तरह जान बचाकर जंगल से बाहर निकल आए और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हुई। घने जंगल और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण काफी मशक्कत के बाद तलाश अभियान चलाया गया।
Government Advertisement...
काफी खोजबीन के बाद वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल के भीतर से बृजमोहन सिंह का शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में हाथी के हमले से मौत की पुष्टि हुई है। शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वन विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जंगल में अकेले या बिना सूचना के न जाएं और किसी भी तरह की वन्यजीव गतिविधि दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। फिलहाल हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
यूसीसी लागू कर उत्तराखण्ड ने निभाया ऐतिहासिक वादा : मुख्यमंत्री






