
कोटद्वार में कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। राहुल गांधी के ट्वीट के बाद मामला और गरमा गया है। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है और शहर में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
- बजरंग दल के हंगामे के बाद शहर में फ्लैग मार्च
- बाहरी लोगों की एंट्री पर यूपी-यूके बॉर्डर पर सघन चेकिंग
- जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने डीजीपी से दीपक की सुरक्षा की मांग की
- दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस जांच में जुटी
कोटद्वार। कोटद्वार में पटेल मार्ग स्थित एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह मामला केवल स्थानीय तनाव तक सीमित न रहकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस प्रकरण पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए ट्वीट के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में मोहम्मद दीपक को ‘भारत का हीरो’ बताते हुए लिखा कि दीपक संविधान और इंसानियत के लिए खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि वे नफरत के माहौल में मोहब्बत की दुकान के प्रतीक हैं और ऐसे लोग ही देश को जोड़ने का काम करते हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा और संघ परिवार पर भी आरोप लगाए, जिससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इधर, जमीन पर हालात को देखते हुए कोटद्वार में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शनिवार को देहरादून और हरिद्वार से पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद पुलिस ने लगातार दो रात फ्लैग मार्च निकाला है। जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कोटद्वार बुलाया गया है और दो प्लाटून पीएसी भी तैनात कर दी गई है।
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पुलिस के साथ-साथ खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर दिया गया है। दूसरे पक्ष से जुड़े बाहरी लोगों के कोटद्वार पहुंचने की आशंका को देखते हुए कौड़िया स्थित उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड सीमा पर सघन वाहन जांच की जा रही है। शहर में आने-जाने वाले हर वाहन की बारीकी से चेकिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी को पटेल मार्ग पर कपड़े की दुकान को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और व्यापारी के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक और मारपीट हुई थी। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आक्रोश बढ़ गया था।
शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहले पटेल मार्ग और फिर मालवीय उद्यान में प्रदर्शन किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है और मामले की जांच जारी है। बजरंग दल के कार्यकर्ता मोहम्मद दीपक बताए जा रहे जिम संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच रविवार को हरिद्वार और देहरादून से तीन-चार जिम संचालक युवक मोहम्मद दीपक से मिलने कोटद्वार पहुंचे थे।
संदिग्ध गतिविधियों की आशंका पर पुलिस ने उन्हें थाने लाकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया। कोतवाल प्रदीप नेगी ने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आकर माहौल खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड ने इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर दीपक कुमार की सुरक्षा की मांग की है। संगठन का कहना है कि 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हुए हमले के दौरान दीपक ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई थी, जिसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। जमीअत ने आरोप लगाया कि 31 जनवरी को बाहर से आए लोगों ने दीपक के जिम में तोड़फोड़ का प्रयास भी किया।
जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी और उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि हिंसा के खिलाफ खड़े नागरिकों को निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देवभूमि की शांत छवि को नुकसान पहुंच रहा है। फिलहाल कोटद्वार में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है और मामले की जांच जारी है।






