
महाशिवरात्रि के अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा सिविल न्यायालय में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधिवक्ता चैम्बर का लोकार्पण किया और 20 नए चैम्बर हेतु 2.5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को पारदर्शी, डिजिटल और प्रभावी बनाने के लिए ऐतिहासिक सुधार लागू किए गए हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की उपस्थिति में न्यायिक ढांचे को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- खटीमा कोर्ट को मिला आधुनिक अधिवक्ता चैम्बर, सीएम धामी ने किया उद्घाटन
- न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम: धामी
- खटीमा में वकीलों के लिए 20 नए चैम्बर की घोषणा
- महाशिवरात्रि पर न्यायिक ढांचे को सशक्त बनाने का संदेश
खटीमा/देहरादून। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा सिविल न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए चैम्बर का विधिवत फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिवक्ताओं को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नया चैम्बर न्यायिक विमर्श, विधि अध्ययन और पेशेवर संवाद का सशक्त केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में न्याय प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक समकालीन और प्रभावशाली बनी है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डाटाग्रिड, फास्ट ट्रैक और स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष तंत्र, ऑनलाइन सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों ने न्याय व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं।
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तकनीक के प्रभावी उपयोग से न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में लगभग 7 हजार से अधिक न्यायालयों और 11 हजार से अधिक आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा से उत्तराखंड में भी न्यायिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने और विधि शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए 20 नए चैम्बर निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे खटीमा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी और न्यायिक कार्यों में गति आएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।





