
उत्तराखंड के चकराता वन प्रभाग अंतर्गत खरोड़ा गांव में गुलदार ने एक पशुपालक की 19 बकरियों को मार डाला और उस पर भी हमला किया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा उपायों की मांग की है।
- कनासर रेंज में गुलदार की सक्रियता से ग्रामीण दहशत में
- डाकरा छानी में रात को घुसा गुलदार, भारी नुकसान
- पशुपालक की आजीविका पर संकट, मुआवजे की मांग
- वन विभाग से सुरक्षा उपाय तेज करने की अपील
देहरादून। उत्तराखंड के चकराता वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली कनासर रेंज के खरोड़ा गांव में गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। गांव के एक पशुपालक की 19 बकरियों को गुलदार ने एक ही रात में मार डाला, वहीं शनिवार सुबह पशुपालक पर भी हमला कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते शोर मचाने पर उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी रणूदास शुक्रवार शाम रोज की तरह अपनी बकरियों को जंगल में चराने के बाद गांव से कुछ दूरी पर स्थित डाकरा छानी में बांधकर घर लौट गया था।
देर रात गुलदार ने छानी में घुसकर बाड़े में बंधी 19 बकरियों को मार डाला और वहीं दुबक कर बैठा रहा। शनिवार सुबह जब रणूदास रोजाना की तरह बकरियों को खोलने छानी पहुंचा और जैसे ही बाड़े का दरवाजा खोला, गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया। रणूदास ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों की आवाज और भीड़ देखकर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। घटना स्थल का दृश्य देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए।
गुलदार की इस घटना से पूरे पंचायत क्षेत्र में भय का माहौल है। खरोड़ा के पूर्व प्रधान प्रताप डिमरी और पूर्व प्रधान धर्मदत्त डिमरी ने बताया कि पीड़ित पशुपालक बकरी पालन के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। एक साथ 19 बकरियों के मारे जाने से उसकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। पूर्व प्रधानों और ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित को शीघ्र उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
साथ ही क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता को देखते हुए पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपाय मजबूत करने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। वन विभाग ने मामले में आवश्यक कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने का भरोसा दिया है।








