
जसपुर में आयोजित तहसील दिवस में 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 26 का मौके पर ही समाधान किया गया। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण और जनसमर्पण पोर्टल पर शिकायतें अपलोड करने के निर्देश दिए। राशन कार्ड, अतिक्रमण, पेयजल और भूमि विवाद से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
- जनसमर्पण पोर्टल पर अपलोड होंगी तहसील दिवस की शिकायतें
- राशन कार्ड, अतिक्रमण और पेयजल से जुड़ी समस्याएं प्रमुख
- अधिकारियों को तय समय सीमा में निस्तारण के निर्देश
- जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी सख्त रुख
जसपुर। मंडी परिसर में आयोजित तहसील दिवस में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित गति से निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता है और तहसील दिवस में पंजीकृत सभी शिकायतों को निर्धारित अवधि में निपटाया जाए। एडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत शिकायतों को जन समर्पण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्या जिस स्तर की हो, उसी स्तर पर उसका समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
तहसील दिवस में राशन कार्ड, अतिक्रमण, पेयजल, सड़क निर्माण व मरम्मत, नलकूप, प्रमाण पत्र और भूमि पैमाइश से संबंधित कुल 52 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 26 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। विभिन्न गांवों और मोहल्लों से आए आवेदकों ने बैंक रिकॉर्ड, खतौनी संशोधन, वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट, बंद नाले को खोलने, सार्वजनिक स्थान से कचरा हटाने, भूमि पैमाइश, जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु सोलर लाइट, तालाब भूमि से अतिक्रमण हटाने, राशन कार्ड बनाने, पाइपलाइन मरम्मत और परिवार रजिस्टर तैयार करने जैसे मामलों में अनुरोध प्रस्तुत किए।
एडीएम ने संबंधित अधिकारियों—तहसीलदार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, अधिशासी अभियंता (सिंचाई/जल संस्थान), खंड विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और उप जिलाधिकारी—को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। तालाब की भूमि से अतिक्रमण पाए जाने पर एक माह के भीतर हटाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना चाहिए।
तहसील दिवस में उप जिलाधिकारी राहुल शाह, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, मुख्य उद्यान अधिकारी एस.के. शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य संजय कुमार छिम्वाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी, जिला आयुर्वेद यूनानी अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई सुशील कुमार, विद्युत विभाग के जी.एस. कार्की, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





