
- 18 स्वर्ण के साथ भारत ने जीता अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कप
- टिहरी झील में चमका भारत, 47 पदकों के साथ शीर्ष पर
- इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप में भारत का दबदबा, सर्बिया-दूसरा, कजाकिस्तान-तीसरा
- टिहरी में तरंगा फहरा—भारत बना वॉटर स्पोर्ट्स चैंपियन
- सीएम धामी ने विजेताओं को सम्मानित किया, भारत की ऐतिहासिक जीत
टिहरी | टिहरी झील में आयोजित इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप और चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स–2025 प्रतियोगिता का भव्य समापन रविवार को हुआ, जिसमें भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 स्वर्ण सहित कुल 47 पदक जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित 22 देशों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिससे टिहरी झील एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलक्रीड़ा गतिविधियों का केंद्र बन गई। सर्बिया पांच स्वर्ण और कुल सात पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान ने चार स्वर्ण और दस पदक जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान की और कहा कि टिहरी झील अब अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेलों का प्रमुख गंतव्य बन चुकी है। उनके अनुसार आने वाले समय में यहां एशियन, कॉमनवेल्थ और यहां तक कि ओलंपिक स्तर की जलक्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित करने की क्षमता विकसित की जा रही है। सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार टिहरी झील को केंद्र में रखकर पर्यटन और खेलों के लिए बड़े पैमाने पर योजनाएं लागू कर रही है। 1200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले एडीबी सहायतित टिहरी लेक प्रोजेक्ट से इस क्षेत्र के आर्थिक व पर्यटन परिदृश्य में बड़ा परिवर्तन आएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चीन में हुए हाल ही के एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते हैं, जो देश की बढ़ती खेल क्षमता और सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने खेल बजट में तीन गुना बढ़ोतरी की है और उत्तराखंड को देवभूमि के साथ अब खेल भूमि के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है। 38वें नेशनल गेम्स और टिहरी में आयोजित प्रतियोगिताओं की सफलता इसका प्रमाण है। सरकार नई खेल नीति, पदक विजेताओं को नौकरी, देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार और नौकरियों में 4 प्रतिशत खेल कोटा जैसी पहल के माध्यम से खेलों को संस्थागत स्वरूप दे रही है।
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समापन समारोह में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी झील पर्यटन के साथ-साथ साहसिक खेलों का उभरता हुआ हब बन रही है। विधायक किशोर उपाध्याय ने टिहरी मेडिकल कॉलेज सहित क्षेत्र की महत्वपूर्ण मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। टीएचडीसी के सीएमडी सिपन कुमार गर्ग ने सफल आयोजन के लिए सरकार, खेल संघों और खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, घनसाली शक्ति लाल शाह, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, टीएचडीसी के अधिकारी, डीएम निकिता खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल और कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भारत की ऐतिहासिक जीत और टिहरी झील की अंतरराष्ट्रीय पहचान ने इस आयोजन को राज्य के खेल इतिहास में एक यादगार उपलब्धि बना दिया। यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों की क्षमता का प्रदर्शन रही बल्कि उत्तराखंड को विश्वस्तरीय साहसिक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम भी साबित हुई।





