
द हंस फाउंडेशन द्वारा दिव्यांगजनों और स्वयं सहायता समूह सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से देहरादून में तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वरोजगार और वैकल्पिक आजीविका के लिए प्रेरित किया गया।
- द हंस फाउंडेशन की CBR परियोजना के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
- मशरूम उत्पादन से आजीविका संवर्धन पर जोर
- 20 प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण
- प्रशिक्षण के समापन पर प्रमाण पत्र और उत्पादन बैग वितरित
देहरादून | दिव्यांगजनों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में द हंस फाउंडेशन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। फाउंडेशन की ओर से संचालित सामुदायिक आधारित पुनर्वास (CBR) परियोजना के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IATR), प्रेमनगर, देहरादून में तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें दिव्यांगजन एवं हंस समावेशित स्वयं सहायता समूहों के सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वरोजगार से जोड़ना तथा उन्हें आजीविका के वैकल्पिक साधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें भूसा उपचार, स्पॉन मिश्रण, बैग भरने की प्रक्रिया, उत्पादन की देखरेख, रोग प्रबंधन एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, मूल्य संवर्धन के अंतर्गत मशरूम से चटनी बनाने की विधि भी सिखाई गई, ताकि प्रतिभागी अपने उत्पाद को बेहतर मूल्य पर बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में उत्पादन शुरू करने में आसानी हो सके।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में द हंस फाउंडेशन के परियोजना प्रबंधक श्री युद्धवीर सिंह, IATR के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित उपाध्याय सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं मशरूम उत्पादन बैग वितरित किए गए तथा प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम में द हंस फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री दीपक बूधा, रमेश गड़िया, प्रीति भट्ट, सूरज कुमार, सुनील बहुगुणा तथा IATR की ओर से नवीन नौटियाल, लतिका, रिया सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया।





