
चारधाम यात्रा 2026 के लिए ग्रीन कार्ड प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है, जिससे व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित की जाएगी। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पहले दिन 34 वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए।
- चारधाम यात्रा में बिना ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगी एंट्री
- यात्रा से पहले वाहनों की फिटनेस जांच होगी अनिवार्य
- हरिद्वार से ग्रीन कार्ड प्रक्रिया की शुरुआत
- पहले दिन 34 वाहनों को मिला ग्रीन सिग्नल
हरिद्वार: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुचारु और तेज बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ग्रीन कार्ड प्रणाली का शुभारंभ कर दिया है। इस पहल की शुरुआत हरिद्वार स्थित एआरटीओ कार्यालय रोशनाबाद में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा की गई। परिवहन मंत्री ने बताया कि ग्रीन कार्ड प्रणाली के तहत चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों की तकनीकी जांच अनिवार्य होगी।
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रा में केवल फिट और सुरक्षित वाहन ही शामिल हों, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद नजदीकी परिवहन कार्यालय में वाहन का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में वाहन फिट पाए जाने पर ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
यात्रा की शुरुआत से पहले ही इस व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य चारधाम मार्गों पर वाहनों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना है। विभाग के अनुसार, इस प्रणाली से ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा और यात्रा के दौरान होने वाली अव्यवस्थाओं पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। शुभारंभ के पहले दिन ही 34 व्यावसायिक वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए, जिससे इस योजना की शुरुआत सकारात्मक रही। अधिकारियों का कहना है कि अब यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी और यात्रा में शामिल होने वाले सभी वाहनों को ग्रीन कार्ड लेना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, परिवहन मंत्री ने स्कूल बसों के किराए में संभावित बढ़ोतरी के मुद्दे पर कहा कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। 31 मार्च को होने वाली बैठक में इस पर विचार कर उचित फैसला लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।





