
गौचर (चमोली) में आयोजित राज्य स्तरीय किसान दिवस में केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस अवसर पर हजारों किसानों को फसल बीमा राशि वितरित की गई और बुनियादी ढांचे व कृषि विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति दी गई।
- मुक्तेश्वर में बनेगा 100 करोड़ का क्लीन प्लांट सेंटर
- घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ का अतिरिक्त बजट
- 88 हजार किसानों को 65.12 करोड़ की फसल बीमा राशि डीबीटी से मिली
- पीएमजीएसवाई-4 के तहत 1706.94 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
चमोली/गौचर। किसानों के कल्याण और आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का भव्य आयोजन गौचर (जनपद चमोली) में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रुपये की बीमा राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा और नींबू वर्ग के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बागवानी उत्पादन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही घेरबाड़ योजना हेतु इस वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड को 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के अंतर्गत 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किलोमीटर सड़कों के निर्माण हेतु 1706.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
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यह परियोजना दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के किसानों को बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जाएगा। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीम के माध्यम से राज्य के लिए पांच वर्षीय कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित कृषि भूमि के बावजूद उत्तराखंड में कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग, पशुपालन, मत्स्य पालन और औषधीय खेती पर जोर देने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं से लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, 80 प्रतिशत तक सब्सिडी पर कृषि उपकरण, निःशुल्क सिंचाई, पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये, तथा गेहूं और गन्ने पर बोनस जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, 1200 करोड़ रुपये की नई फसल प्रोत्साहन नीतियां और 1000 करोड़ रुपये की क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना लागू की गई है। कार्यक्रम में कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों और समूहों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने दोहराया कि किसानों के उत्थान और कृषि के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेगा।





