
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना के अनुग्रह नारायण कॉलेज में आयोजित ‘गार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026’ में मुजफ्फरपुर की लेखिका ऊषा किरण श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार भर की लगभग 1000 महिलाओं ने भाग लिया।
- महिला दिवस पर ‘गार्गी नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजी गईं डॉ. ऊषा किरण
- पटना में भव्य सम्मेलन, बिहार की विदुषी महिलाओं को मिला सम्मान
- ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण का संदेश
- गार्गी सम्मेलन में महिलाओं के नेतृत्व और शिक्षा पर जोर
पटना। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना स्थित अनुग्रह नारायण कॉलेज में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के गार्गी अध्याय द्वारा ‘गार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग 1000 विदुषियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के संस्थापक विकास वैभव ने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू हुआ यह अभियान आज 3.5 लाख से अधिक लोगों का परिवार बन चुका है।
उन्होंने विशेष रूप से डॉ. प्रीति बाला के नेतृत्व में संचालित ‘गार्गी अध्याय’ की सराहना की, जिससे वर्तमान में 30 हजार से अधिक महिलाएँ जुड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के 12 जिलों में 25 ‘गार्गी पाठशालाएँ’ महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं, जहां लगभग 2000 वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध लेखिका और स्वर्णिम कला केंद्र की अध्यक्षा डॉ. ऊषा किरण श्रीवास्तव को ‘गार्गी नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।
सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने प्राचीन भारतीय दार्शनिक गार्गी वाचक्नवी को बौद्धिक साहस और ज्ञान का प्रतीक बताते हुए महिलाओं को शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. शांति रॉय, पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी, लोक गायिका नीतू कुमारी नूतन और सुषमा साहू उपस्थित रहीं। इसके अलावा डॉ. संगीता सागर सहित कई अन्य विदुषी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
यह सम्मेलन महिला नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करना और वर्ष 2047 तक विकसित बिहार के सपने को साकार करने की दिशा में समाज को संगठित करना है।







