
लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लुधियाना से गिरफ्तार किया है। करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित आरोपी ड्रग्स और हथियार तस्करी से भी जुड़ा रहा है। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अब उससे कई राज्यों में सक्रिय नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई, पंजाब से पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर
- अमेरिका से लौटकर सक्रिय हुआ पंकज राजपूत, आखिरकार गिरफ्त में
- ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े आरोपी को लुधियाना से उठाया
- ऑपरेशन प्रहार के बीच दिल्ली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत को पंजाब के लुधियाना शहर के जमालपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित चल रहा था। जानकारी के अनुसार, पंकज राजपूत पिछले पांच दिनों से लुधियाना के पुनीत नगर स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि स्थानीय पुलिस को उसकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी।
इसी दौरान दिल्ली पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी का संबंध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों से रहा है और वह करीब डेढ़ दर्जन संगीन मामलों में नामजद है। वर्ष 2023 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह कथित तौर पर अमेरिका फरार हो गया था। हाल ही में भारत लौटकर उसने पंजाब में अपना नेटवर्क दोबारा सक्रिय करना शुरू कर दिया था। लुधियाना के दरेसी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में उसका प्रभाव बताया जाता है, जहां उसके स्थानीय सहयोगी जमीन तैयार कर रहे थे।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पंकज राजपूत का नाम केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रग्स तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई में भी उसकी भूमिका सामने आई है। मुकुल मट्टू से बरामद एक किलो हेरोइन और जगरांव मुठभेड़ में पकड़े गए रोशन सिंह के तार भी उससे जुड़े पाए गए थे। वर्ष 2019 में जेल में बंद रहने के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जिससे यह संकेत मिला कि वह जेल के भीतर से भी अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा था।
इधर पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के बीच इस गिरफ्तारी ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। महानगर में 72 घंटे के विशेष अभियान के बावजूद आरोपी की मौजूदगी का पता न चल पाना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब दिल्ली पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से ड्रग तस्करी और फिरौती सिंडिकेट से जुड़े कई स्थानीय और बाहरी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
लुधियाना, संगरूर, फिरोजपुर और बठिंडा जिलों की पुलिस भी अपने-अपने लंबित मामलों में उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दावा है कि इस कार्रवाई से गैंगस्टर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।








