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मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट पर आयोजित भव्य गंगा आरती ने आस्था के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, संस्था पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने का संकल्प लिया।
- गायत्री मंदिर घाट पर भक्तिमय वातावरण में गंगा आरती का भव्य आयोजन
- महापौर निर्मला साहू ने जल संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
- जीवनधारा नमामि गंगे के प्रयासों से गंडकी तट पर जागरूकता का संदेश
- मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच गंगा-गंडकी की स्वच्छता की शपथ
मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक अखाड़ाघाट स्थित गायत्री मंदिर के सामने वाले घाट पर रविवार, 22 दिसंबर को गंगा आरती का भव्य और भावपूर्ण आयोजन किया गया, जिसने पूरे गंडकी तट को आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक चेतना से भर दिया। यह आयोजन जीवनधारा नमामि गंगे, जो जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार से संबद्ध संस्था है, और स्थानीय नदी सेवकों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नदियों की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति आमजन में जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर की महापौर श्रीमती निर्मला साहू ने दीप प्रज्वलित कर गंगा आरती का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे जल के अपव्यय से बचें और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मोनालिसा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने नदी संरक्षण से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज और संस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सार्थक होता है। वहीं संस्था के अध्यक्ष हरिओम शर्मा दिल्ली से डिजिटल माध्यम के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने कहा कि जीवनधारा नमामि गंगे पिछले कई वर्षों से जनसहभागिता के माध्यम से नदियों को अविरल और निर्मल बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और ऐसे आयोजन लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
आरती के दौरान शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की ज्योति से घाट का वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संकल्प लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम समन्वयक सह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ओएसडी डॉ. दिव्या स्मृति, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उषा किरण श्रीवास्तव, प्रदेश महासचिव हिमांशु कुमार और जिला अध्यक्ष सुमित रंजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा मनीषा सिन्हा, अनुराग सिन्हा, महेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, डॉक्टर नवीन कुमार, गोपाल जी, निर्मल कुमार संयोगी सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी, सदस्य, स्थानीय समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में गंगा और गंडकी नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली, जिससे यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का सशक्त प्रतीक बन गया।








