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‘गंदी बात’ ने बढ़ाईं एकता कपूर और मां शोभा की मुश्किलें, पोक्सो एक्ट के खिलाफ मामला दर्ज… जानकारी हो कि 27 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेट को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया था। दरअसल, मद्रास हाई की तरफ के कहा गया था इस तरह की एक्टिविटी को अपराध में शामिल नहीं जा सकता.
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ऑल्ट बालाजी की वेब सीरीज ‘गंदी बात’ में धड़ल्ले से बोल्ड कंटेंट परोसा गया। सीरीज को लेकर काफी विवाद भी हुआ। वहीं, अब इसकी निर्माता एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर मुसीबतों में फंस गई हैं। दोनों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। ‘गंदी बात सीजन 6’ के एक एपिसोड में नाबालिग लड़कियों के अश्लील सीन दिखाए गए। इसी कारण एप की पुरानी निर्माता एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
मुंबई के बोरीवली स्थित एमएचबी पुलिस थाने में स्थानीय नागरिक ने ऑल्ट बालाजी की पूर्व निर्माता एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसमें दावा किया गया है कि फरवरी 2021 से अप्रैल 2021 के बीच ‘ऑल्ट बालाजी’ पर स्ट्रीम हुई वेब सीरीज ‘गंदी बात’ में नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक सीन दिखाए गए। जानकारी हो कि सीरीज की स्ट्रीमिंग के बाद से ही बवाल मचा हुआ था। यही कारण है कि यह विवादित एपिसोड अब एप पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं है।
एकता कपूर की सीरीज को लेकर दर्ज हुई शिकायत में यह भी आरोप लगा है कि इसमें सिगरेट के विज्ञापन का इस्तेमाल करते हुए महापुरुषों और संतों का अपमान किया गया है। सीन को आपत्तिजनक और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताने गया है। इतना ही नहीं सीरीज में कुछ ऐसे सीन के प्रदर्शन का भी आरोप लगा है, जो पोक्सो के नियमों का उल्लंघन करते हैं। दृश्य को पोक्सो के अलावा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000, वुमन प्रोहिबिशन एक्ट 1986 और सिगरेट्स-अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 जैसे कानूनों का भी उल्लंघन माना गया है।
जानकारी हो कि 27 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेट को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया था। दरअसल, मद्रास हाई की तरफ के कहा गया था इस तरह की एक्टिविटी को अपराध में शामिल नहीं जा सकता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया था कि बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट को पब्लिश करना, डाउनलोड करना और देखना गुनाह के तहत आएगा।
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