
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत किसानों के साथ देहरादून में दून कूच करेंगे। यह प्रदर्शन दिव्यांशु हत्याकांड के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर हो रहा है। पुलिस ने आशारोड़ी में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
- टिकैत के नेतृत्व में किसानों का दून मार्च
- दिव्यांशु केस में सख्त सजा की मांग तेज
- आशारोड़ी में रोके जाएंगे किसान, पुलिस तैयार
- देहरादून में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा कड़ी
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी में आज किसानों का बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है, जहां राकेश टिकैत के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता दून कूच करेंगे। यह प्रदर्शन हाल ही में चर्चित दिव्यांशु हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने जानकारी देते हुए बताया कि वे सुबह करीब 11 बजे किसानों के साथ आशारोड़ी पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छात्रों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय है और दिव्यांशु जाटराणा प्रकरण ने युवाओं के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा किया है।
ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। किसानों के इस प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर आशारोड़ी क्षेत्र में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जहां प्रदर्शनकारियों को रोका जाएगा। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन प्राप्त करेगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में शांति भंग नहीं होने दी जाएगी।
इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य दिव्यांशु हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। इस आंदोलन को लेकर राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस आंदोलन से सरकार पर किसी तरह का दबाव बनता है।





