
देहरादून स्थित दून जिला न्यायालय को एक बार फिर ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद परिसर को तुरंत खाली कराया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड ने सघन तलाशी अभियान चलाया, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। लगातार मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
- ईमेल से मिली धमकी के बाद कोर्ट में सुरक्षा अलर्ट
- बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड ने की गहन तलाशी
- लगातार दूसरे दिन न्यायालय को धमकी, कामकाज प्रभावित
- पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
देहरादून। देहरादून में दून जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला जज को भेजे गए ईमेल में कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया और बिना देर किए पूरे न्यायालय परिसर को खाली करा दिया गया। धमकी के बाद बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और पुलिस की टीमों ने परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इमारत के भीतर हर कोने की बारीकी से जांच की गई।
करीब दो घंटे तक चले इस तलाशी अभियान के दौरान न्यायालय का कामकाज पूरी तरह बंद रहा। जांच पूरी होने के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने की पुष्टि की गई और तब जाकर लोगों को अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एक दिन पहले भी न्यायालय को इसी तरह की धमकी मिली थी। इससे पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग के न्यायालय परिसरों को भी धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए थे। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
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एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ईमेल में परिसर में सी-4 और नाइट्रेट आधारित पांच बम लगाए जाने का दावा किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर खाली कराया गया और सघन जांच कराई गई, लेकिन कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। धमकी भरे पत्र में कुछ संगठनों और विदेशी एजेंसियों के नामों का भी उल्लेख किया गया था, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
लगातार मिल रही धमकियों के चलते न्यायालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने या दहशत पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।





