
उत्तरकाशी के कुथनौर कस्बे में कुत्ते पर पत्थर फेंकने से नाराज उसके मालिक ने एक स्कूली छात्र की डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्र ने बताया कि उसने कुत्ते के हमले से बचने के लिए पत्थर फेंका था।
- यमुनोत्री हाईवे पर छात्र से मारपीट, बचाव में फेंका था पत्थर
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस
- बड़कोट थाने में दर्ज हुआ मुकदमा, आरोपी की तलाश जारी
- छात्र को काटने दौड़ा कुत्ता, विरोध करने पर स्वामी ने की पिटाई
उत्तरकाशी | उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट क्षेत्र में एक स्कूली छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कुथनौर कस्बे में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि कुत्ते को पत्थर मारने से नाराज उसके स्वामी ने छात्र की डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी। जानकारी के अनुसार पाली गांव का एक छात्र किसी कार्य से कुथनौर इंटर कॉलेज आया था। स्कूल से वापस लौटते समय अचानक एक कुत्ता उस पर झपटा और काटने की कोशिश करने लगा।
खुद को बचाने और कुत्ते को भगाने के उद्देश्य से छात्र ने पत्थर फेंका। इसी बात पर कुत्ते का मालिक भड़क उठा और हाथ में डंडा लेकर छात्र के पीछे दौड़ पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने छात्र को पकड़कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। छात्र बचने के लिए इधर-उधर भागता रहा, लेकिन आरोपी लगातार उसे मारता रहा। इस दौरान कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते रहे, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
Government Advertisement...
घटना के बाद किसी तरह छात्र वहां से जान बचाकर भागा और परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजनों ने बड़कोट थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी सुमित भंडारी, निवासी कुथनौर, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कानून का सहारा लेकर ही समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि हिंसा का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।





