
चमोली में सेना, आईटीबीपी और अन्य विभागों से जुड़े भूमि मामलों को लेकर सिविल मिलिट्री लाइजन बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। औली क्षेत्र में भूमि सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण टीम गठित करने का भी निर्णय लिया गया।
- औली भूमि सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वे टीम गठित
- सेना और आईटीबीपी से जुड़े मामलों में समन्वय पर जोर
- शासन स्तर पर लंबित मामलों में अनुस्मारक भेजने के निर्देश
- पारदर्शी तरीके से भूमि मामलों के निस्तारण पर जोर
चमोली। जनपद चमोली में सेना, आईटीबीपी एवं अन्य विभागों से संबंधित भूमि मामलों के समाधान को लेकर सोमवार को जिला सभागार में सिविल मिलिट्री लाइजन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरव कुमार ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना रहा।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान सेना, आईटीबीपी तथा अन्य विभागों के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि विवादों, सीमांकन एवं अन्य लंबित मामलों को आपसी तालमेल से प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक विलंब से प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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बैठक में विशेष रूप से औली क्षेत्र में भूमि सीमांकन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस संबंध में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी ज्योर्तिमठ, सेना, आईटीबीपी, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम गठित कर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि मौके पर स्थिति स्पष्ट कर विवादों का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि भूमि से जुड़े सभी मामलों का निस्तारण शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पूरी पारदर्शिता और समन्वय के साथ किया जाए। साथ ही शासन स्तर पर जो प्रकरण लंबित हैं, उनके शीघ्र निस्तारण के लिए नियमित रूप से अनुस्मारक भेजे जाएं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी ज्योर्तिमठ चन्द्रशेखर वशिष्ठ, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी, राजस्व, पर्यटन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने भूमि मामलों के शीघ्र समाधान के लिए आपसी सहयोग और समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया।






