
काशीपुर में डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक के बाद किसानों और राइस मिलर्स के बीच धान भुगतान को लेकर सहमति बन गई। तय हुआ कि किसान को उसी राइस मिलर द्वारा भुगतान किया जाएगा, जिसे उसने धान दिया है, साथ ही विवाद निपटारे के लिए निगरानी कमेटी गठित की गई है।
- धान भुगतान को लेकर किसानों का धरना समाप्त, कमेटी करेगी निगरानी
- काशीपुर में प्रशासन की मौजूदगी में किसानों और मिलर्स के बीच समझौता
- धान के दाम आपसी सहमति से तय होंगे, पोर्टल विवाद से राहत
- भाकियू और राइस मिलर्स की बैठक सफल, भुगतान व्यवस्था पर बनी सहमति
काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। धान भुगतान को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद पर आखिरकार विराम लग गया है। डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक के बाद किसानों, राइस मिलर्स और विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी सहमति बन गई। बैठक में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया कि जिस किसान ने जिस राइस मिल को धान दिया है, उसी मिलर द्वारा किसान को धान का भुगतान किया जाएगा।
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों ने राइस मिलों को दिए गए धान को पोर्टल पर दर्ज न किए जाने और भुगतान में देरी को लेकर बीते सोमवार को क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। किसानों का आरोप था कि धान देने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।
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धरने की सूचना मिलने पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई दौर की बातचीत की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। अंततः शुक्रवार शाम चार बजे मंडी गेस्ट हाउस में आरएमओ लता मिश्रा, डीआरएमओ देवेश आर्य और एसएमओ अतुल चतुर्वेदी की मौजूदगी में निर्णायक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गोयल, भारतीय किसान यूनियन युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ‘जीतू’ और प्रदेश प्रवक्ता मनप्रीत सिंह शामिल हुए। चर्चा के दौरान यह तय हुआ कि धान का मूल्य किसान और मिलर आपसी सहमति से तय करेंगे। इसके लिए पहले समिति के लेखाधिकारी राजकुमार सिंह के साथ बातचीत की जाएगी, जिसके बाद तय मूल्य के अनुसार मिलर्स सीधे किसानों को भुगतान करेंगे।
भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति से निपटने के लिए एक निगरानी कमेटी का गठन भी किया गया है। इस कमेटी में आरएमओ लता मिश्रा, भाकियू नेता जितेंद्र सिंह जीतू, मनप्रीत सिंह, प्रताप विर्क और दर्शन सिंह देयोल को शामिल किया गया है। यह कमेटी भुगतान से संबंधित सभी शिकायतों का समाधान करेगी।
बैठक में सहमति बनने के बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया और भुगतान को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म हो गया। इस अवसर पर राइस मिलर्स की ओर से सोनू अरोड़ा और कुलदीप सिंह, जबकि भाकियू की ओर से जिलाध्यक्ष उदित शर्मा, प्रताप विर्क, हैप्पी ढिल्लो, दीपक चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
इस समझौते से क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि अब धान भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ेगी।





