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देहरादून के मियांवाला क्षेत्र में घर के अंदर नमाज पढ़ाने को लेकर उपजे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। काली सेना के हंगामे के बाद मुस्लिम सेवा संगठन ने जुमे की नमाज रुकवाने और माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है।
- नमाज रुकवाने के आरोप में मुस्लिम सेवा संगठन ने पुलिस से की शिकायत
- बाहर से लोगों को बुलाकर नमाज पढ़ाने के आरोप ने पकड़ा तूल
- जुमे की नमाज के दौरान हंगामे से बिगड़ने लगा माहौल
- मुस्लिम सेवा संगठन ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर की कार्रवाई की मांग
- धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
देहरादून। मियांवाला क्षेत्र में घर के अंदर बाहरी लोगों को बुलाकर नमाज पढ़ाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर काली सेना संगठन के लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए बाहर से लोगों को बुलाकर घर में नमाज अदा कराई जा रही है। हंगामे के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद शनिवार को मुस्लिम सेवा संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस से लिखित शिकायत की। संगठन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर जुमे की नमाज को रुकवाने का प्रयास किया गया और इससे शहर का सामाजिक और धार्मिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों और घरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और प्रशासनिक तंत्र की ओर से उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे ऐसे तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं।
संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में सौहार्दपूर्ण वातावरण को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।





