
देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर मां बीना शर्मा और कारोबारी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में संपत्ति विवाद, बैंक लोन, आपसी मुकदमों और वित्तीय लेनदेन की परतें खुल रही हैं। मुठभेड़ में कथित शूटर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अहम सुराग मिलने की बात कही जा रही है।
- अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पारिवारिक विवाद की एंट्री
- मां, कारोबारी और करोड़ों के लोन पर उलझी जांच
- गैस एजेंसी और पैतृक संपत्ति बना हत्या का कारण?
- मुठभेड़ के बाद देहरादून शूटआउट केस में नए सुराग
देहरादून। देहरादून के डालनवाला थाना क्षेत्र स्थित तिब्बती मार्केट के पास हुए चर्चित कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड में जांच का दायरा लगातार विस्तृत होता जा रहा है। दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। अब इस मामले में पारिवारिक विवाद, करोड़ों रुपये के बैंक लोन, संपत्ति बंटवारे और आपसी मुकदमों की जटिल परतें सामने आ रही हैं। मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा की तहरीर पर पुलिस ने अर्जुन की मां बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
तहरीर में हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया गया है कि लंबे समय से संपत्ति और वित्तीय मामलों को लेकर विवाद चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, दो फरवरी को विनोद उनियाल ने बसंत विहार थाने में अर्जुन पर चेक में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। तीन फरवरी को इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज हुई। इसके तुरंत बाद तीन फरवरी की ही शाम अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस क्रम ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है।
Government Advertisement...
अर्जुन के पिता रमेश चंद्र शर्मा भारतीय सेना में कर्नल थे और लगभग 38 वर्ष पूर्व सेवा के दौरान उनका निधन हो गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने आजीविका के लिए उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित की थी। दून स्थित पैतृक संपत्ति में संचालित यह एजेंसी करीब 37 वर्षों से चल रही है। इसी संपत्ति को आधार बनाकर बैंक ऑफ बड़ौदा से लगभग आठ करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था, जिसमें अर्जुन शर्मा गवाह और गारंटर थे। बताया जाता है कि ऋण, संपत्ति के स्वामित्व और वित्तीय लेनदेन को लेकर मां-बेटे के बीच मतभेद गहराते चले गए।
वर्ष 2024 में बीना शर्मा ने अपने बेटे अर्जुन के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं वर्ष 2025 में अर्जुन ने गैस गोदाम और संपत्ति लेनदेन में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मां और विनोद उनियाल दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बीना शर्मा ने सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी, जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा भी प्रदान की गई। जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को अजय खन्ना को बेचे जाने पर भी विवाद उत्पन्न हुआ। इस मामले में अर्जुन और अजय खन्ना के बीच सिविल कोर्ट में वाद लंबित है और अर्जुन ने स्टे ऑर्डर प्राप्त किया था।
पुलिस अब सभी पहलुओं (संपत्ति विवाद, बैंक ऋण, आपसी आपराधिक मुकदमे, वित्तीय लेनदेन, और व्यक्तिगत संबंधों की गहन जांच कर रही है। हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में कथित शूटर और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुछ अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन, संपत्ति दस्तावेज और पुराने मुकदमों की फाइलों की बारीकी से जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी कोणों पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हत्याकांड न केवल एक पारिवारिक विवाद की गंभीर परिणति को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आर्थिक और संपत्ति संबंधी तनाव किस तरह हिंसक रूप ले सकते हैं।







