
खेल मंत्री रेखा आर्या के पति के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने डालनवाला थाने में धरना दिया। दिन में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया, लेकिन महिलाएं देर रात तक थाने पर डटी रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थन और एसपी सिटी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
- एफआईआर की मांग को लेकर महिला कांग्रेस का डालनवाला थाने में प्रदर्शन
- देर रात तक चला धरना, पूर्व सीएम हरीश रावत पहुंचे समर्थन में
- पुलिस हिरासत के बाद भी नहीं मानी महिलाएं, फिर थाने पहुंचीं
- बयानबाजी के विरोध में गरमाई उत्तराखंड की राजनीति
- एसपी सिटी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और कार्रवाई को लेकर माहौल गरमा गया है। खेल मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने डालनवाला थाने में जोरदार प्रदर्शन किया। यह धरना महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शन को उस समय और बल मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वयं धरनास्थल पर पहुंचकर महिलाओं का समर्थन करने लगे।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच से दिया गया एक कथित आपत्तिजनक बयान न केवल निंदनीय है, बल्कि महिला सम्मान के भी खिलाफ है। इस मामले में महिला कांग्रेस की ओर से दो जनवरी को डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिससे महिलाओं में रोष व्याप्त है। दिन के समय स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
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हालांकि, कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन रिहा होते ही कांग्रेस नेता और महिला कार्यकर्ता दोबारा डालनवाला थाने पहुंच गए। देर शाम से लेकर रात तक महिलाएं थाने परिसर में डटी रहीं और एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ी रहीं। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस पूरे प्रकरण को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच से दिया गया बयान शर्मनाक है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जाती है। जब तक इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक महिला कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी।
रात में हालात को संभालने के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार स्वयं डालनवाला थाने पहुंचे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा। एसपी सिटी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात धरना समाप्त किया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर डालनवाला थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि कांग्रेस नेता की ओर से पहले ही एक प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है। यह मामला अल्मोड़ा से संबंधित होने के कारण प्रार्थनापत्र वहां भेज दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने महिलाओं को तीन बार पुलिस लाइन छोड़ा, लेकिन वे हर बार वापस थाने पहुंच गईं और अपनी मांग पर अड़ी रहीं। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी देहरादून में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष इसे महिला सम्मान से जोड़कर देख रहा है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया की बात कही जा रही है।





