
बरेली के प्रेमनगर थाने में एक फाउंडेशन से जुड़े लोगों पर झूठे मुकदमों के जरिए रंगदारी वसूलने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में हिस्ट्रीशीटर समेत कई नामजद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
- पंचायत में 20 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाने का दावा
- मोहसिन पर पहले से दर्ज हैं छेड़खानी समेत गंभीर मुकदमे
- पुलिस ने कहा—जांच में साफ होगी पूरी स्थिति
बरेली। बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में झूठे मुकदमों के जरिए उगाही किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बानखाना निवासी मोहसिन रजा ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि ‘हक की आवाज फाउंडेशन’ से जुड़े कुछ लोग संगठित तरीके से लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर समझौते के नाम पर रुपये वसूलते हैं। मोहसिन रजा ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि फाउंडेशन से जुड़ा नासिर एक हिस्ट्रीशीटर है। उसके साथ फाउंडेशन की अध्यक्ष रुमाना सकलैनी, फिरोज, शहरोज, शाकिर और दो महिलाएं भी इस कथित गिरोह का हिस्सा हैं।
आरोप है कि ये सभी मिलकर लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं और बाद में समझौते के नाम पर मोटी रकम की मांग करते हैं। मोहसिन ने इज्जतनगर से जुड़े एक पुराने प्रकरण का जिक्र करते हुए बताया कि बानखाना में पंचायत के दौरान इन लोगों ने उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उसका आरोप है कि इसी दौरान फिरोज ने उस पर फायर किया, जबकि नासिर ने उसकी घड़ी और जरूरी कागजात छीन लिए। मोहसिन का यह भी कहना है कि आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद दबाव में आ गया।
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हालांकि, इस पूरे मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दिसंबर 2025 में इज्जतनगर थाने में एक युवती ने मोहसिन रजा सहित कई लोगों के खिलाफ जमीन हथियाने, छेड़खानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती ने तहरीर में कहा था कि संपत्ति विवाद के चलते उसके पिता ने मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास तक किया था। सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्रेमनगर थाने में यह नई रिपोर्ट दर्ज की गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकरण के वादी मोहसिन रजा पर पहले से ही छेड़खानी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, पुराने मामले की पीड़िता को भी इस नए प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला बेहद संवेदनशील है और दोनों पक्षों के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों, साक्ष्यों और पूर्व में दर्ज मुकदमों को ध्यान में रखते हुए विवेचना कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप किस हद तक सही हैं और पूरे घटनाक्रम के पीछे वास्तविक सच्चाई क्या है।








