
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत क्षेत्र में दोबाटा से मर्तोली तक मोटर मार्ग निर्माण के लिए 84.12 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान कर वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है। इस निर्णय से मर्तोली गांव सड़क नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे विकास, रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी।
- दोबाटा से मर्तोली तक 3.02 किमी मोटर मार्ग निर्माण का रास्ता हुआ साफ
- वर्षों से लंबित मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
- सड़क निर्माण से रिवर्स पलायन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
- सीमांत घाटी में पर्यटन और आवागमन को मिलेगी नई गति
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने सीमांत क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्तोली तक 3.02 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 84.12 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत दी गई इस स्वीकृति से क्षेत्रवासियों की वर्षों से लंबित मांग पूरी हो गई है।
इस सड़क के निर्माण से सीमांत क्षेत्र मर्तोली सीधे मोटर मार्ग से जुड़ जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन सुगम होगा। अब तक सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थितियों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सड़क निर्माण की स्वीकृति को ग्रामीण अपने क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय मान रहे हैं।
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मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर मर्तोली गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। गांववासियों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क बनने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे पलायन की समस्या पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमांत गांव मर्तोली तक सड़क निर्माण को स्वीकृति देकर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया है। यह पहल रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने, सीमांत क्षेत्रों में विकास को गति देने और गांवों को जीवंत बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।
सड़क निर्माण से न केवल मर्तोली गांव तक पहुंच आसान होगी, बल्कि पूरी घाटी में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र सड़क सुविधा मिलने के बाद पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास ही वहां के समग्र विकास की कुंजी है। दोबाटा से मर्तोली तक सड़क निर्माण की यह स्वीकृति इसी दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।





