
चमोली के पीपलकोटी में आयोजित 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय उत्पादों, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उन्होंने खेल मैदान के विस्तारीकरण, मार्गों के नामकरण और मंदिरों के सौंदर्यीकरण सहित कई विकास कार्यों की महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
- सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण और तीर्थ क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण की घोषणा
- ग्वालदम–तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग अब “नंदा-सुनंदा मार्ग” के नाम से जाना जाएगा
- मेले बने लोक संस्कृति और ग्रामीण आजीविका के सशक्त मंच: मुख्यमंत्री
- होमस्टे, मिलेट मिशन और हाउस ऑफ हिमालय से बढ़ेगा रोजगार और पर्यटन
चमोली। राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी के सेमलडाला खेल मैदान में आयोजित 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले 2025 के उद्घाटन अवसर पर कही। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से सेमलडाला मैदान पहुँचे, जहाँ जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड पर बंड विकास समिति के सदस्यों, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने भी पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक मंच मिलता है और लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह और भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
Government Advertisement...
मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें। साथ ही उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों और मेला आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल”, “वोकल फॉर लोकल” और “मेड इन इंडिया” अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी उन्होंने दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के नए अवसर लगातार सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ और बदरीविशाल धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य प्रगति पर हैं, वहीं रोपवे निर्माण और रेल परियोजनाओं से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि “एक जनपद-दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालय” ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन और होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है। देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है और सख्त भू-कानून लागू किया गया है। सरकार उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग पर पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं के विकास, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग का नाम बदलकर “नंदा-सुनंदा मार्ग” किए जाने, राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ के सौंदर्यीकरण और अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह निर्माण की महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
कार्यक्रम में थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, राज्य मंत्री रामचंद्र गौड़, दलवीर दानू, नगर पालिका अध्यक्ष पीपलकोटी आरती नवानी, मेला समिति अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, ब्लॉक प्रमुख दशोली विनीता देवी, जिला पंचायत सदस्य संतोषी देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।





