
अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि माता-पिता द्वारा रखी गई बातों पर सरकार शीघ्र निर्णय लेगी। उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि किसी भी फैसले से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
- माता-पिता से मुलाकात के बाद सरकार सक्रिय, जल्द होगा निर्णय
- अंकिता की मौत पर राजनीति करने वालों पर सीएम का हमला
- ऑडियो वायरल मामले में विपक्ष से माफी की मांग
- एसआईटी जांच जारी, सरकार ले रही कानूनी राय
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर धामी सरकार एक बार फिर सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अंकिता के माता-पिता द्वारा हालिया मुलाकात में रखी गई मांगों और सुझावों पर सरकार शीघ्र निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक बेटी और बहन की हत्या से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसमें पीड़ित परिवार के दर्द को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।
बृहस्पतिवार को देहरादून जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता के माता-पिता को सबसे अधिक पीड़ा हुई है, क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी खोई है। सरकार इस दुख को भली-भांति समझती है। उन्होंने दोहराया कि उनका पहले से ही मानना रहा है कि अंकिता के माता-पिता जिस भी प्रकार की जांच या कार्रवाई की मांग करेंगे, सरकार उसके लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माता-पिता ने मुलाकात के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सरकार के समक्ष रखे हैं। इन बिंदुओं पर जल्द निर्णय लिया जाएगा, लेकिन उससे पहले सभी कानूनी पहलुओं का गहन परीक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई भी कदम कानून के दायरे में और न्यायपूर्ण तरीके से उठाया जा सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अंकिता की मौत पर राजनीति करने वालों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वायरल ऑडियो के आधार पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी की और राजनीतिक लाभ के लिए प्रदेश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश की, उन्हें उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सीएम ने कहा कि जनता सब देख रही है और ऐसे प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि एक और ऑडियो वायरल हुआ है, जिस पर विपक्ष को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और यदि उसमें कोई भ्रामक या भड़काऊ सामग्री है तो प्रदेश की जनता से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून अपना काम करता रहेगा और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा।
सीएम धामी ने जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद प्रदेश में एसआईटी लगातार मामले की जांच कर रही है। जांच से जुड़े सभी तथ्यों और घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए सरकार कानूनी राय ले रही है। अंकिता के माता-पिता द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अंत में भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य केवल और केवल न्याय सुनिश्चित करना है। पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए, कानून के दायरे में रहकर, जल्द ही इस मामले में उचित और ठोस निर्णय लिया जाएगा।





