
रुद्रप्रयाग। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा संचालित 31 दिवसीय निःशुल्क महिला वस्त्र टेलर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार को हुआ। इस प्रशिक्षण में जनपद के तीनों विकास खंडों की कुल 32 युवतियों ने भाग लिया। समापन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वरोजगार आजीविका का सबसे सशक्त माध्यम है। इससे न केवल आत्मनिर्भरता प्राप्त होती है, बल्कि दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
उन्होंने युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल को व्यावहारिक जीवन में अपनाकर वे आत्मनिर्भर बनें। साथ ही सरकारी योजनाओं और संस्थागत ऋण सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने उद्यम को आगे बढ़ाएं। आरसेटी संस्थान के निदेशक किशन सिंह रावत ने भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशिक्षणार्थी दृढ़ निश्चय और लगन के साथ आगे बढ़ें तो बैंक ऋण की सहायता से आसानी से अपना व्यवसाय स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में दक्ष बनाकर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का मार्ग प्रशस्त करना है।
संस्थान के प्रशिक्षक वीरेंद्र बर्त्वाल ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास से संबंधित विषयों पर जानकारी दी, जबकि मास्टर ट्रेनर दीपिका मौर्या ने व्यावहारिक कौशल पर जोर देते हुए विषय-विशेष का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। मूल्यांकन के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चमोली, आरसेटी प्रशिक्षक भूपेन्द्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रबंधक भरत बिष्ट, प्रवीन सिंह और संदीप पाण्डे भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली युवतियों में रुचि नौटियाल, तनुजा, स्वाति, प्रियंका, रीना, उर्मिला देवी, विमला, संगीता, लक्ष्मी, रेनू, नेहा, सोनाली, राधिका, आरती, कृष्णा, मनीषा, शिवानी, सुमन, सांवरी आदि शामिल रहीं।





