
चमोली जिले में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना की टनल में दो लोको ट्रेनों की टक्कर हो गई। हादसे में करीब 60 मजदूर घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल गोपेश्वर व पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है।
- शिफ्ट चेंज के दौरान हुआ हादसा
- सुरंग में 100 से अधिक कर्मचारी थे मौजूद
- जिला अस्पताल और पीपलकोटी में भर्ती घायल
- डीएम-एसपी ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
चमोली। जनपद चमोली में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग के भीतर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। यह हादसा परियोजना की लगभग 13 किलोमीटर लंबी टनल के अंदर उस समय हुआ, जब शिफ्ट परिवर्तन के दौरान मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, अलकनंदा नदी पर बन रही 444 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजना के तहत टनल में तेज़ी से निर्माण कार्य चल रहा था। सुरंग के भीतर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सहित भारी मशीनरी लगाई गई है। मजदूरों और कर्मचारियों की आवाजाही के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जा रहा था। इसी दौरान शिफ्ट बदलते समय दो लोको ट्रेनें आमने-सामने आ गईं और आपस में टकरा गईं।
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हादसे के वक्त सुरंग के भीतर 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर मौजूद थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि करीब 60 मजदूर घायल हो गए। दुर्घटना के बाद सुरंग के अंदर चीख-पुकार मच गई और निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को सभी घायलों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में जबकि 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और किसी की जान को खतरा नहीं है।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी चूक या समन्वय की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





