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चमोली में सुशासन सप्ताह के तहत प्राप्त शिकायतों के शीघ्र निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना निदेशक ने सभी विभागों को शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने और पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
- प्रशासन गांव की ओर अभियान को लेकर आपदा कार्यालय में हुई अहम बैठक
- छह बहुउद्देशीय शिविरों में 967 शिकायतें, 716 का निस्तारण
- कोषागार चमोली ने आमजन के लिए तैयार किया सूचना क्यूआर कोड
- सभी शिकायतें सुशासन पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश
चमोली। जनपद चमोली में सुशासन सप्ताह के तहत आमजन की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को आपदा कार्यालय सभागार में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी की अध्यक्षता में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ और ‘‘प्रशासन गांव की ओर’’ कार्यक्रमों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुशासन सप्ताह के दौरान प्राप्त शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति और प्रशासनिक योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
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बैठक में जिला विकास अधिकारी के0के0 पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में अब तक छह बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से जनता से सीधे संवाद स्थापित किया गया और कुल 967 शिकायतें दर्ज की गईं। उन्होंने बताया कि इनमें से 716 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
सहायक कोषाधिकारी सुरेन्द्र वर्मा ने बैठक में बताया कि कोषागार चमोली द्वारा आमजन की सुविधा के लिए एक क्यूआर कोड तैयार किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर नागरिकों को कोषागार से संबंधित सभी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उनके मोबाइल फोन पर ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभिन्न विभागीय और प्रशासनिक पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला प्रशासन को प्राप्त सभी शिकायतों को अनिवार्य रूप से सुशासन पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि उनकी नियमित निगरानी और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने दोहराया कि ‘‘प्रशासन गांव की ओर’’ और ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ जैसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन को जनता के और अधिक करीब लाना है।





