✍️ विजय गर्ग डॉ. सत्यवान सौरभ समकालीन हिंदी साहित्य के उन विरले रचनाकारों में शामिल हैं जिनकी...
डॉ. सत्यवान सौरभ
डॉ. सत्यवान सौरभ भारत आज जनसंख्यिकीय संक्रमण के उस मोड़ पर खड़ा है, जहाँ युवाओं की अधिकता...
डॉ. सत्यवान सौरभ स्याही की धार थम गई,शब्दों ने आत्महत्या कर ली,अख़बार का कोना ख़ाली है,जैसे लोकतंत्र...
डॉ. सत्यवान सौरभ आपातकाल: लोकतंत्र पर पहला आधिकारिक ताला 25 जून 1975 को भारत के लोकतंत्र पर...
डॉ. सत्यवान सौरभ “साहित्य समाज का दर्पण होता है।” यह वाक्य हमने न जाने कितनी बार पढ़ा...
डॉ. अमित तिवारी, समीक्षक एवं साहित्यकार “मैंने जो देखा, महसूस किया, और भीतर जिया—उसे ही इन पन्नों...
आरक्षण भारतीय समाज में सदियों से व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने और वंचित समुदायों को मुख्यधारा में...
आज सोशल मीडिया पर मौजूद इन्फ्लुएंसर्स का प्रभाव समाज और राजनीति पर तेजी से बढ़ रहा है।...
आज कोचिंग संस्थानों को छात्रों की सफलता का सारा श्रेय मिलता है, जबकि वे शिक्षक गुमनाम रह...
✍️ डॉ. सत्यवान सौरभ हरियाणा के 18 सरकारी स्कूलों में 12वीं का रिजल्ट शून्य प्रतिशत रहा, जो...













