डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किताब से लेकर स्क्रीन तक की...
डॉ. प्रियंका सौरभ
भारत की भूमिका और तियानजिन घोषणा की उपलब्धियों का मूल्यांकन तियानजिन में आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन...
“आज़ादी केवल तिथि नहीं, एक निरंतर संघर्ष है। यह सिर्फ़ झंडा फहराने का अधिकार नहीं, बल्कि हर...
रक्षाबंधन के बदलते मायने हमें यह समझाते हैं कि त्योहार केवल रस्में नहीं होते, वे विचार होते...
भारत में बच्चों की शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा संकट केवल गरीबी या संसाधनों की कमी नहीं,बल्कि...
डॉ. प्रियंका सौरभ चार बजा— न दिन जगा, न पंछी बोले, पर उसकी पलकों पर एक टूटा...
डॉ. प्रियंका सौरभ सुबह के चार बजे थे। बाकी दुनिया नींद में थी, लेकिन प्रियंका की नींद...
उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला...
✍🏻 डॉ. प्रियंका सौरभ जब भी कोई सरकार राष्ट्रहित की बातें करती है, तो नागरिकों को यह...
बाबा साहब के विचारों—जैसे सामाजिक न्याय, जातिवाद का उन्मूलन, दलित-पिछड़ों को सत्ता में हिस्सेदारी, और संविधान की...














