यह आलेख विश्व बालिका दिवस के संदर्भ में बालिकाओं के सम्मान, अधिकार और समानता की वास्तविक स्थिति...
डॉ. प्रियंका सौरभ
कर्नाटक के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के निलंबन से जुड़े इस प्रकरण ने पुलिस व्यवस्था की नैतिकता,...
यह आलेख आधुनिक रिश्तों में बढ़ते भावनात्मक असंतुलन और स्वार्थ की प्रवृत्ति को उजागर करता है। संवेदनशीलता...
पढ़ाई और अनुशासन के नाम पर बढ़ता दबाव आज कई किशोरों को घर छोड़ने तक पर मजबूर...
कविता बुरे समय में रिश्तों की वास्तविकता और आत्ममंथन की प्रक्रिया को संवेदनशील शब्दों में उजागर करती...
नव वर्ष केवल तारीख बदलने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और समाज में संवेदनशील दृष्टि अपनाने का...
यह कहानी एक ग्रामीण बालिका की है, जिसकी पढ़ाई घरेलू ज़िम्मेदारियों, सामाजिक रूढ़ियों और बाल विवाह की...
भारत में बाल तस्करी एक संगठित और स्तरित अपराध है, जो न्यायिक प्रक्रियाओं की कमजोरियों का लाभ...
भारत में लड़कियों की स्कूली ड्रॉपआउट समस्या केवल शिक्षा व्यवस्था की नहीं, बल्कि पितृसत्ता, गरीबी, असुरक्षा और...
🌟🌟🌟 यह आलेख सामाजिक होड़, शैक्षणिक दबाव और असंवेदनशील व्यवस्था के कारण बच्चों के शारीरिक व मानसिक...














