देहदान सबसे बडा दान

धन्यवाद के पात्र हैं वे लोग जो देहदान करके समाज को एक नई दशा व दिशा प्रदान कर रहे हैं। उनके संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति को सलाम करते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह इस वर्ष का 20 वां व अब तक का 202 वां देहदान हैं। #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)
अब तक तो यहीं सुनने को मिल रहा था कि रक्तदान सबसे बडा दान। लेकिन इसी कडी में एक और दान देहदान भी जुड गया। समाज सेवा के लिए केवल धन ही जरुरी नहीं है। अगर आप में सेवा करने का समर्पण का भाव हो तो आप रक्तदान, अंगदान व देहदान करके भी समाज व राष्ट्र की उत्तम सेवा करनी चाहिए। ऐसा ही कर दिखाया है 83 वर्षीय पालरोड निवासी कमला माथुर ने।
कमला माथुर के निधन के पश्चात डॉ एस एन मेडिकल कॉलेज में उनका देहदान किया गया। उनके पुत्र मुकेश, सुमनेश, राकेश व पुत्री अर्पिता ने देहदान काउंसलर मनोज मेहता से देहदान की सम्पूर्ण प्रक्रिया को समझ कर कमला माथुर की देह डॉ एस एन मेडिकल कॉलेज ले जाकर समर्पित की।
स्व० कमला माथुर ने अपने जीवन काल में ही देहदान का संकल्प ले लिया था। उनका कहना था कि अगर मृत्यु के बाद भी यह शरीर मेडिकल कॉलेज में पढने वाले विधार्थियों के काम आती हैं तो फिर यह शरीर जलाने के बजाय डॉक्टरों की पढ़ाई के लिए समर्पित कर देना चाहिए। परिजनों ने स्व० कमला माथुर की देह को मेडिकल कॉलेज को समर्पित कर उनकी इच्छा को पूरा कर यह साबित कर दिया कि अगर इंसान में दृढ इच्छाशक्ति हो तो वह मृत्यु को प्राप्त कर के भी समाज व राष्ट्र की उत्तम सेवा कर सकता हैं।
धन्यवाद के पात्र हैं वे लोग जो देहदान करके समाज को एक नई दशा व दिशा प्रदान कर रहे हैं। उनके संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति को सलाम करते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह इस वर्ष का 20 वां व अब तक का 202 वां देहदान हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को दुःख की घडी में यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
Advertisement…
Advertisement…
Advertisement…
👉 देवभूमि समाचार में इंटरनेट के माध्यम से पत्रकार और लेखकों की लेखनी को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है। अपने शब्दों में देवभूमि समाचार से संबंधित अपनी टिप्पणी दें एवं 1, 2, 3, 4, 5 स्टार से रैंकिंग करें।
Excellent 👍
Excellent