
रानीखेत निवासी लेखक एवं रचनाकार भुवन बिष्ट को शांति फाउंडेशन, गोंडा द्वारा ‘पर्सनालिटी ऑफ द ईयर 2025’ सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें हिंदी व कुमाऊनी भाषा में निरंतर और सशक्त साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
- शांति फाउंडेशन ने साहित्यकार भुवन बिष्ट को किया सम्मानित
- हिंदी और कुमाऊनी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर हैं भुवन बिष्ट
- देवभूमि समाचार के रचनाकार को मिला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान
- मौना रानीखेत के साहित्यकार की लेखनी को मिली नई पहचान
रानीखेत (अल्मोड़ा)। शांति फाउंडेशन, गोंडा (उत्तर प्रदेश) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में देशभर के लेखकों, कलाकारों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके विशिष्ट योगदान के लिए ‘पर्सनालिटी ऑफ द ईयर 2025’ सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में विकासखंड ताड़ीखेत के मौना, रानीखेत निवासी प्रतिष्ठित लेखक एवं रचनाकार भुवन बिष्ट को भी इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
भुवन बिष्ट को यह सम्मान हिंदी एवं आंचलिक भाषा कुमाऊनी में निरंतर साहित्य लेखन और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रदान किया गया है। उनकी लेखनी में पहाड़ का जीवन, संस्कृति, लोकबोध और समकालीन सामाजिक सरोकार प्रभावशाली ढंग से प्रतिबिंबित होते हैं, जिससे पाठकों के बीच उनकी एक अलग पहचान बनी है।
गौरतलब है कि भुवन बिष्ट इससे पूर्व भी कई प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। उन्हें विश्व रचनाकार मंच, नई दिल्ली द्वारा हिंदी सेवी सम्मान, काव्य रंगोली हिंदी साहित्यिक संस्था द्वारा साहित्य भूषण सम्मान एवं साहित्य साधक सम्मान, *वागेश्वरी पुंज अलंकरण सम्मान, तथा सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा आंचलिक भाषा में उत्कृष्ट लेखन के लिए आंचलिक साहित्य सारथी सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
रचनाकार भुवन बिष्ट के लेख और रचनाएं देश के कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों एवं पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। वे देवभूमि समाचार के लिए भी निरंतर लेखन कर रहे हैं, जहाँ उनकी रचनाएं पाठकों द्वारा सराही जाती हैं। साहित्य जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि भुवन बिष्ट जैसे रचनाकार आंचलिक भाषाओं और लोकसंस्कृति को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
‘पर्सनालिटी ऑफ द ईयर 2025’ सम्मान मिलना उनके अब तक के साहित्यिक योगदान का सम्मान तो है ही, साथ ही भविष्य की रचनात्मक यात्रा के लिए एक नई प्रेरणा भी है। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के साहित्यप्रेमियों, शुभचिंतकों और पाठकों ने भुवन बिष्ट को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की है।






